सैलरी से ज्यादा टैक्स कटने का डर? अक्टूबर में ये काम करें, वरना पछताएंगे
1 अक्टूबर से ज्यादातर कंपनियां वित्त वर्ष की दूसरी छमाही (H2) के लिए टैक्स डिक्लेरेशन विंडो फिर से खोल देती हैं। यह सही मौका है कि आप अपनी कंपनी की पेरोल टीम को बताएं कि आप ओल्ड या न्यू में से कौन सा टैक्स रिजीम चुनना चाहते हैं। साथ ही मांगे गए सभी टैक्स-सेविंग प्रूफ भी जमा कर दें। इससे HR आपकी अक्टूबर से मार्च तक की सैलरी पर टीडीएस (TDS) की गणना सही तरीके से कर सकेगा और हर महीने टैक्स का बोझ बराबर बंटेगा। अगर इसमें देरी की, तो जनवरी से मार्च के बीच आपकी टेक-होम सैलरी में बड़ा झटका लग सकता है। वैसे आईटीआर भरते समय रिजीम बदलने का विकल्प रहता है, लेकिन तब रिफंड का इंतजार या एक्स्ट्रा टैक्स का झंझट उठानी पड़ सकती है।
एक आसान सा नियम समझें। अगर आपके पास ज्यादा डिडक्शन नहीं हैं, तो न्यू टैक्स रिजीम ही ज्यादा बेहतर रहती है। लेकिन अगर आप एचआरए (HRA), सेक्शन 80C, सेक्शन 80D, होम लोन या एजुकेशन लोन के ब्याज पर बड़ा क्लेम कर रहे हैं, तो ओल्ड रिजीम अक्सर बाजी मार लेती है। मोटा-मोटा नियम यही है कि अगर आपकी कुल टैक्स छूट 2 से 3 लाख रुपये से ज्यादा बनती है, तो ओल्ड रिजीम में ही ज्यादा फायदा है।

ओल्ड बनाम न्यू टैक्स रिजीम: एक नजर में समझें फर्क
ज्यादातर सैलरी पाने वाले लोग टैक्स स्लैब देखने के बजाय मिलने वाली छूट और डिडक्शन के आधार पर दोनों रिजीम की तुलना करते हैं। नीचे दी गई टेबल में वे सभी प्रमुख चीजें हैं जिन्हें HR जांचता है। साथ ही इसमें वे छूट भी दिखेंगी जो न्यू रिजीम में भी मिलती हैं, लेकिन लोग अक्सर ध्यान नहीं देते। यह जानकारी आपकी इन-हैंड सैलरी का सही अंदाजा लगाने और जनवरी में अचानक टैक्स कटने वाले झटके से बचाएगी।
| टैक्स छूट/डिडक्शन | ओल्ड रिजीम | न्यू रिजीम |
|---|---|---|
| स्टैंडर्ड डिडक्शन | मान्य | मान्य |
| हाउस रेंट अलाउंस (HRA) | छूट मिलेगी | छूट नहीं मिलेगी |
| लीव ट्रेवल अलाउंस (LTA) | छूट मिलेगी | छूट नहीं मिलेगी |
| सेक्शन 80C में निवेश | मान्य | छूट नहीं मिलेगी |
| सेक्शन 80D (हेल्थ इंश्योरेंस) | मान्य | छूट नहीं मिलेगी |
| होम लोन ब्याज (खुद के रहने वाले घर पर) | सीमा के तहत मान्य | छूट नहीं मिलेगी |
| होम लोन ब्याज (किराए पर दिया गया मकान) | किराए की आय के एवज में मान्य | किराए की आय के एवज में मान्य |
| कंपनी की तरफ से NPS [सेक्शन 80CCD(2)] | मान्य | मान्य |
| कर्मचारी का अतिरिक्त NPS [सेक्शन 80CCD(1B)] | मान्य | छूट नहीं मिलेगी |
| फैमिली पेंशन पर डिडक्शन | मान्य | मान्य |
नौकरीपेशा लोग कैसे चुनें सही टैक्स रिजीम?
उदाहरण से समझें: मान लीजिए आपकी सालाना सीटीसी (CTC) 18 लाख रुपये है। इसमें बेसिक सैलरी 9 लाख और HRA 4.5 लाख रुपये है। आप किराया देते हैं, हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम भरते हैं और होम लोन की ईएमआई भी जा रही है। ओल्ड रिजीम में HRA, सेक्शन 80C, 80D और होम लोन ब्याज मिलाकर आपकी कुल छूट करीब 5 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। वहीं न्यू टैक्स रिजीम में केवल स्टैंडर्ड डिडक्शन का ही फायदा मिलेगा। ऐसे मामले में ओल्ड रिजीम ही आपके लिए ज्यादा फायदेमंद साबित होगी।
अचानक टैक्स कटने से बचें: H2 टैक्स रिजीम चेकलिस्ट
बिना देर किए आज ही अपनी कंपनी के HR पोर्टल पर लॉगिन करें और अपना पसंदीदा रिजीम चुन लें। अगर जरूरत हो तो मकान मालिक के पैन (PAN) कार्ड डिटेल के साथ किराए की रसीदें अपडेट करें। इसके अलावा हेल्थ इंश्योरेंस रसीदें, ELSS म्यूचुअल फंड स्टेटमेंट, NPS रिकॉर्ड्स और होम लोन का सर्टिफिकेट तुरंत अपलोड कर दें। अगर आपको कोई बोनस मिला है या आपकी रेजिडेंशियल स्टेटस में कोई बदलाव हुआ है (जैसे एनआरआई बनना), तो इसकी जानकारी पेरोल टीम को जरूर दें। साथ ही HR से अक्टूबर की सैलरी से TDS की नए सिरे से गणना करने का अनुरोध करें। अगर कोई असमंजस हो, तो सेफ रहने के लिए 5 से 10 फीसदी अतिरिक्त TDS कटवाने का विकल्प चुन सकते हैं।