जागरण संवाददाता, कानपुर। ‘मैंने 50 बार सरकारी नौकरी के लिए काेशिश की, लेकिन सफल नहीं हो पाया। पापा मुझे माफ करना.. सॉरी।’ अंग्रेजी में यह सुसाइड नोट लिखकर बीटेक गोल्ड मेडलिस्ट 23 वर्षीय आनंद कुमार ने पंखे से फंदा लगाकर जान दे दी।
घटना के समय दिवंगत के पिता परिवार समेत बड़े बेटे की शादी तय करने बिहार गए थे। लोहिया स्टारलिंगर कंपनी से सेवानिवृत्त राजकुमार मूलतः बिहार के बक्सर के रहने वाले हैं। परिवार में दो बेटे अमित व आनंद और बेटी प्रिया है।
आनंद ने पीएसआईटी कॉलेज से 2024 में इलेक्ट्रिकल से बीटेक किया था। प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल करने पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 13 अगस्त, 2024 को उन्हें गोल्ड मेडल प्रदान किया था। वह शहर में एक निजी कंपनी में नौकरी भी कर रहे थे।
बड़ा बेटा अमित, बेटी प्रिया बक्सर में सरकारी शिक्षक हैं। पिता राजकुमार ने बताया कि आनंद ने रेलवे, एसएससी, बैंकों व शिक्षा विभाग की भर्ती परीक्षाओं में हिस्सा लिया, पर सफल न हो सका। वह गत कई माह से तनाव में था।
परिवार के लोग पांच दिन पहले बड़े बेटे अमित की शादी के लिए लड़की देखने गए थे। आनंद को भी साथ जाना था, पर उसने मना कर दिया। शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे नौकरानी घर में काम करने पहुंची तो काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर उसने परिजनाें व पुलिस को जानकारी दी। पुलिस दरवाजा तोड़कर घर में घुसी तो शव फंदे पर लटका मिला।