सोनम वांगचुक की जारी भूख हड़ताल पर अंतरराष्ट्रीय मीडिया में ऐसी चर्चा


सोनम वांगचुक

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इमेज कैप्शन, सोनम वांगचुक पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर है और उनका वजन लगभग नौ किलोग्राम कम हो गया है

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सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक पिछले 20 दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे हैं.

इस आंदोलन की शुरुआत कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने की थी और पिछले महीने 28 जून को इसमें सोनम वांगचुक शामिल हुए थे.

कॉकरोच जनता पार्टी प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितता के मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा मांग रही है. केंद्र सरकार सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर बहुत हरकत में नहीं दिख रही है. लेकिन वांगचुक के अनशन की चर्चा अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी अच्छी ख़ासी है.

अमेरिका के प्रमुख अख़बार न्यूयॉर्क टाइम्स ने 16 जुलाई की एक रिपोर्ट में लिखा है कि लाखों भारतीय छात्रों के लिए न्याय की मांग कर रहे युवाओं के आंदोलन को वांगचुक की भूख हड़ताल से नई गति मिली है.

28 जून से केवल नमक मिले पानी के सहारे रह रहे वांगचुक ने कहा, “पीड़ित लोग अक्सर अपनी आवाज़ ख़ुद नहीं उठा पाते. इस बार बदलाव यह था कि युवा ख़ुद आगे आकर अपनी आवाज़ उठा रहे थे. ऐसे में मैं उनका समर्थन कैसे नहीं करता?”



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