ईरान-अमेरिका युद्ध की आग में सोना-चांदी भी पिघल रहे हैं। घरेलू वायदा बाजार में सोमवार, 13 जुलाई की सुबह सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखी गई। एमसीएक्स पर सुबह 9:10 बजे गोल्ड 141977 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था। यह पिछले बंद की तुलना में 1578 रुपये सस्ता है। इसी तरह चांदी भी 217400 रुपये प्रति किलो पर खुली। इसमें 5280 रुपये की भारी गिरावट है। आज गिरावट की मुख्य वजह कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आई तेज उछाल थी, जो अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण हुई। इस उछाल ने अमेरिकी डॉलर को मजबूत कर दिया, जिससे सोने-चांदी पर दबाव बना।
सोने-चांदी के भाव गिरने के 4 कारण
तेल की कीमतों ने डॉलर को दी मजबूती: कच्चे तेल के दाम में 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जिससे अमेरिकी डॉलर की मांग बढ़ गई और डॉलर इंडेक्स करीब 0.30 प्रतिशत चढ़कर 101.22 पर पहुंच गया। जब डॉलर मजबूत होता है, तो डॉलर में तय होने वाला सोना दूसरी मुद्राओं वाले खरीदारों के लिए महंगा हो जाता है, जिससे खरीदारी में कमी आती है और कीमतों पर नकारात्मक असर पड़ता है।
अमेरिका-ईरान तनाव: मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच भारी मिसाइल और ड्रोन हमलों का आदान-प्रदान हुआ है। ईरान ने कहा है कि उसने एक बार फिर होर्मुज को बंद कर दिया है, जो दुनिया की कच्चे तेल की सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। खबरों में यह भी दावा किया गया कि होर्मुज में ईरान के केशम द्वीप पर 10 से अधिक मिसाइल गिरे हैं।
अमेरिकी हमले और सैन्य कार्रवाई: अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने 12 जुलाई को ईरान पर हमलों की घोषणा की, जिसमें कई ठिकानों पर दर्जनों निशानों को सटीक हथियारों से निशाना बनाया गया। इस कार्रवाई का मकसद ईरान की उस क्षमता को कमजोर करना बताया गया, जिससे वह होर्मुज से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर हमले कर रहा था।
महंगाई की आशंका और केंद्रीय बैंकों की सख्ती: कच्चे तेल की कीमतों में 4 प्रतिशत की उछाल ने मुद्रास्फीति की आशंकाओं को फिर से जगा दिया है। इससे यह उम्मीद बढ़ गई है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व और दुनिया के दूसरे प्रमुख केंद्रीय बैंक मौद्रिक नीति को और सख्त कर सकते हैं, यानी ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकते हैं।
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