स्पैम कॉल्स और ‘डिजिटल अरेस्ट’ का खतरा: TRAI और CERT-In की नई चेतावनी, तुरंत करें ये काम | TRAI Anti-Spam & Digital Arrest Alert 2026: How To Protect Yourself From WhatsApp Scams


स्पैम कॉल्स और ‘डिजिटल अरेस्ट’ का खतरा: TRAI और CERT-In की नई चेतावनी, तुरंत करें ये काम

देश में एक बार फिर स्पैम कॉल्स और वॉट्सऐप फ्रॉड का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। इसे लेकर 3 सितंबर 2026 को TRAI ने अपने एंटी-स्पैम पेज को अपडेट किया, तो वहीं 4 सितंबर को CERT-In ने नई एडवाइजरी जारी की। मोबाइल यूजर्स के लिए संदेश एकदम साफ है— तुरंत Do Not Disturb (DND) एक्टिवेट करें, 1909 पर शिकायत दर्ज कराएं और कंपनियों को दी गई गैर-जरूरी सहमतियां (कंसेंट) रद्द करें। ये कदम न केवल प्रमोशनल कॉल्स पर रोक लगाएंगे, बल्कि फिशिंग फ्रॉड का खतरा कम करके बार-बार नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई भी तय करेंगे।

इसकी शुरुआत 1909 पर कॉल या SMS करके करें, या फिर TRAI DND ऐप का इस्तेमाल करें। आप सभी प्रमोशनल कॉल्स को एक साथ ब्लॉक कर सकते हैं या 7 अलग-अलग कैटेगरी में से अपनी पसंद चुन सकते हैं। DND रजिस्ट्रेशन के 7 दिन पूरे होने के बाद अगर कोई स्पैम कॉल या मैसेज आता है, तो 3 दिनों के भीतर उसकी शिकायत दर्ज कराएं। अनजान सेंडर की पहचान जांचने के लिए ‘Header Information Portal’ की मदद लें और अपने टेलीकॉम ऑपरेटर के कंसेंट डैशबोर्ड पर जाकर पुरानी दी गई सहमतियों को तुरंत रद्द करें।

TRAI Anti-Spam & Digital Arrest Alert 2026: How to Protect Yourself from WhatsApp Scams

TRAI एंटी-स्पैम: 1909 पर एक्टिवेशन, शिकायत और कंसेंट रद्द करने का आसान तरीका

SMS से शिकायत दर्ज कराने के लिए फर्जी मैसेज को 1909 पर इस फॉर्मेट में फॉरवर्ड करें: “The UCC, XXXXXXXXX, dd/mm/yy”। इसके बाद आपको कन्फर्मेशन और रेफरेंस नंबर मिल जाएगा। टेलीकॉम ऑपरेटरों के लिए यूजर को कंसेंट रद्द करने की सुविधा देना अनिवार्य है। TRAI और RBI के पायलट प्रोजेक्ट के तहत 127000 नंबर से आने वाले वेरिफाइड कंसेंट मैसेज पर नजर रखें। TRAI के चेयरमैन ने इस साल की शुरुआत में कहा था, “उपभोक्ताओं को अनचाही कमर्शियल कॉल्स पर कंट्रोल मिलने का साफ अहसास होना चाहिए।”

‘डिजिटल अरेस्ट’ और फर्जी अधिकारी बनकर ठगी करने वालों को ऐसे पहचानें

अचानक अर्जेंट वीडियो कॉल आना, फर्जी समन या “पुलिस नोटिस” का डर दिखाना, लगातार कैमरे पर रहने का दबाव बनाना और “वेरिफिकेशन” के नाम पर पैसे ट्रांसफर करने की मांग करना—ये साइबर फ्रॉड के बड़े संकेत हैं। भारत में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसा कोई कानूनी प्रावधान नहीं है। हाल ही में बेंगलुरु और अहमदाबाद से ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां फर्जी दस्तावेजों और धमकियों के जरिए पीड़ितों से वसूली की गई। ऐसी कॉल आते ही तुरंत फोन काटें, नजदीकी पुलिस स्टेशन जाएं और नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

WhatsApp मैलवेयर अलर्ट: CERT-In की चेतावनी के बाद तुरंत करें ये काम

साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने चेतावनी दी है कि WhatsApp Web और Desktop पर बिल या बैंक स्टेटमेंट के नाम से फर्जी अटैचमेंट भेजे जा रहे हैं, जो असल में मैलवेयर हैं। किसी भी अनजान फाइल, खासकर एक्जीक्यूटेबल (.exe) फाइलों को भूलकर भी न खोलें और अपने ऐप को तुरंत अपडेट करें। चालान की सच्चाई जांचने के लिए मैसेज में आए लिंक के बजाय सीधे सरकारी पोर्टल पर जाएं। WhatsApp पर ऐसे किसी भी संदिग्ध मैसेज को ‘Report and Block’ करें और अनजान नंबरों की रीच सीमित करें। मैलवेयर अटैक का शक होने पर सबूत सुरक्षित रखें और तुरंत CERT-In को सूचित करें।



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