India Women vs England Women Lord’s Test: भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ एकमात्र टेस्ट अपने नाम कर लिया। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने लॉर्ड्स में जीत दर्ज करते ही इतिहास रच डाला।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने सोमवार को ऐतिहासिक लॉर्ड्स टेस्ट में 270 रनों से धमाकेदार जीत दर्ज की। भारत ने 457 रनों का कठिन लक्ष्य रखा था जिसके जवाब में इंग्लैंड की दूसरी पारी 186 पर सिमटी। यह महिला टेस्ट ‘क्रिकेट का घर’ कहे जाने वाले लंदन के लॉडर्स मैदान पर पहले पुरुष टेस्ट के 142 साल बाद आयोजित हुआ। भारत के जीत दर्ज करते ही कप्तान हरमनप्रीत कौर ने इतिहास रचा। वह भारत के लिए सबसे ज्यादा टेस्ट मैच जीतने वाली महिला कप्तान बन गई हैं। उनकी अगुवाई में भारत ने चौथा टेस्ट जीता है। उन्होंने कुल पांच टेस्ट में टीम की कप्तानी की है। 37 वर्षीय हरमनप्रीत ने पूर्व भारतीय कप्तान मिताली राज का रिकॉर्ड ध्वस्त किया है। मिताली के नेतृत्व में भारत ने आठ टेस्ट खेले और तीन में जीत नसीब हुई।
भारतीय टीम ने घोषित की थी दूसरी पारी
इंग्लैंड ने चौथे दिन 130/6 के स्कोर से पारी आगे बढ़ाई। रविवार को अर्धशतक जड़ने वाली एमी जोन्स (52) अपनी पारी में दो रन ही जोड़ सकीं। हालांकि, सोफी एक्लेस्टोन (50) ने काफी देर मोर्चा संभाला लेकिन दूसरे छोर से साथ नहीं मिला। इस्सी वोंग ने 1 रन बनाया जबकि लॉरेन बेल का खाता नहीं खुला। एक्लेस्टोन इंग्लैंड की ओर से आउट होने वाली आखिरी प्लेयर रहीं। स्नेह राणा ने चार, दीप्ति शर्मा और सायली सतघरे ने दो-दो चटकाए। पहली पारी में पंजा खोलने वाली तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने भी दो शिकार किए। भारत ने तीसरे दिन टी ब्रेक से पहले दूसरी पारी सात विकेट पर 341 रन पर घोषित कर इंग्लैंड के सामने मुश्किल लक्ष्य रखा था।
हरमनप्रीत ने पहली पहली में फिफ्टी लगाई
भारत ने शुरू से ही मैच में दबदबा बनाया। इंग्लैंड के सीमर्स को पहले दिन नई बॉल पर कंट्रोल बनाने में दिक्कत हुई और स्मृति मंधाना ने इसका पूरा फायदा उठाया। हरमनप्रीत कौर (58) और दीप्ति शर्मा (53) ने भी फिफ्टी लगाईं, जिससे भारत ने अपनी पहली इनिंग में 285 रन बनाए। क्रांति गौड़ ने पांच विकेट लेकर लॉर्ड्स के ऑनर्स बोर्ड पर अपना नाम दर्ज कराया और इंग्लैंड को 170 रन पर ऑलआउट कर दिया। भारत ने पहली पारी में 115 रन की बढ़त के साथ दूसरी पारी में अपनी पकड़ मजबूत कर ली। मंधाना ने पहली पारी में 83 रन के बाद फिर 70 रन बनाए। हरमनप्रीत दूसरी पारी में 16 रन ही बना सकीं। हालांकि, यास्तिका भाटिया ने (113) ने शतक ठोका और ऋचा घोष ने नाबाद 50 रन बनाकर इंग्लैंड के ताबूत में आखिरी कील ठोक दी। एमी जोन्स इंग्लैंड की अकेली प्लेयर थीं जिन्होंने दोनों पारियों में अर्धशतक जमाया।