होर्मुज संकट: ICEGATE की नई एडवाइजरी, वापस आ रहे कार्गो के लिए जरूरी गाइडलाइन्स
ICEGATE ने 23 अगस्त 2026 को भारतीय निर्यातकों के लिए एक नई एडवाइजरी जारी की है। इसमें ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (होर्मुज जलडमरूमध्य) बंद होने के कारण समुद्र से वापस लौट रहे एक्सपोर्ट कार्गो की हैंडलिंग को लेकर जरूरी दिशानिर्देश दिए गए हैं। इस एडवाइजरी में आसान प्रक्रियाओं को फिर से लागू किया गया है, साथ ही जरूरी दस्तावेजों, पोर्ट के चयन और एक्सपोर्ट इंसेंटिव की वापसी (रिवर्सल) पर स्थिति साफ की गई है। सरकार का मकसद माल के फंसे रहने के समय (ड्वेल टाइम) को घटाना और रूट बदलने के कारण होने वाले विवादों को कम करना है।
यह एडवाइजरी उन सभी समुद्री शिपमेंट्स पर लागू होगी जो प्रभावित हब के जरिए ट्रांसशिपमेंट का हिस्सा हैं। सीबीआईसी (CBIC) के सर्कुलर में तय की गई प्रक्रियाएं जेएनसीएच (JNCH) जैसे प्रमुख पोर्ट्स पर ‘बैक टू टाउन’ की मंजूरी जैसी वर्किंग से जुड़ी हैं। निर्यातकों को सलाह दी गई है कि वे ICEGATE पर कोई भी प्रक्रिया शुरू करने से पहले अपनी शिपिंग लाइन के बुलेटिन से जानकारी मिला लें। इससे कस्टम्स, पोर्ट और शिपिंग लाइन्स के फैसले एक साथ और सही तालमेल से हो सकेंगे।

ICEGATE एडवाइजरी: अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र से कार्गो वापसी की स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
सबसे पहले अपनी स्थिति पहचानें—क्या जहाज बिना EGM या SDM के भारतीय समुद्री सीमा के भीतर है? या फिर EGM/SDM दर्ज हो चुका है, अथवा जहाज विदेशी पोर्ट पर रुके बिना अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र से लौट रहा है? इसके बाद शिपिंग लाइन का पत्र और जहां जरूरी हो, कप्तान का अंडरटेकिंग अपलोड करें। अब LEO पोर्ट या सीएफएस (CFS) से ‘बैक टू टाउन’ की मंजूरी लें। इसके बाद सही पोर्ट वर्कफ़्लो चुनें और ICEGATE पर अपने शिपिंग बिल को रद्द (कंसल) या संशोधित (अमेंड) करें।
लौटने वाले कार्गो के डॉक्यूमेंट्स, EGM/SDM स्टेटस और इंसेंटिव रिवर्सल के नियम
अनिवार्य दस्तावेजों में शिपिंग लाइन का रिटर्न नोट, कप्तान का अंडरटेकिंग, यात्रा का सबूत और कंटेनर की लिस्ट शामिल है। अगर IGST रिफंड या ड्यूटी ड्रॉबैक की रकम आपके खाते में आ चुकी है, तो कस्टम्स उसे ब्लॉक या रिकवर करेगा। अगर इंसेंटिव के फायदे जारी नहीं हुए थे, तो वे माल के दोबारा एक्सपोर्ट होने या घरेलू क्लीयरेंस मिलने तक सस्पेंड रहेंगे। एडवांस ऑथराइजेशन (Advance Authorisation) और EPCG स्कीम से जुड़े अपने दायित्वों को अपडेट रखें, साथ ही किसी भी पेनल्टी या कमी से बचने के लिए DGFT से समय सीमा बढ़ाने की मांग करें। कस्टम्स द्वारा ओरिजिनल पोर्ट और ICEGATE रिकॉर्ड की पूरी जांच के बाद ही री-क्रेडिट (Re-credit) के लिए आवेदन करें।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से बढ़ती लागत और नेगोशिएशन का तरीका
वॉर-रिस्क सरचार्ज, बंकर (ईंधन) के बढ़ते दाम और इक्विपमेंट की किल्लत की वजह से शिपिंग फ्रेट बढ़ सकता है, इसलिए अपना बजट उसी हिसाब से तय करें। डिटेंशन और डेमरेज में छूट या एक्सटेंडेड फ्री टाइम पाने के लिए शिपिंग लाइन की एडवाइजरी का सहारा लें। पेनल्टी से माफी और इंश्योरेंस क्लेम के समर्थन के लिए डायवर्जन और गेट-इन में हुई देरी का पूरा रिकॉर्ड रखें। यात्रा के पड़ावों के आधार पर टेम्पररी बंकर या कंजेशन सरचार्ज की लिमिट (Cap) तय करने के लिए नेगोशिएट करें। अगर विवादित शुल्क न सुलझें, तो पोर्ट नोटिस और ट्रेड एडवाइजरी का इस्तेमाल कर मामला उठाएं और ICEGATE हेल्पडेस्क की मदद लें।