11 सितंबर बैंक हड़ताल: क्या आज बंद रहेंगे बैंक? जानें आपके जरूरी काम पर क्या होगा असर
बैंक कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) ने शुक्रवार, 11 सितंबर को देशभर में एक दिन की हड़ताल का आह्वान किया है। गुरुवार सुबह हुई सुलह की बातचीत बेनतीजा रही, जिसके बाद हड़ताल होना तय माना जा रहा है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने ग्राहकों से अपील की है कि वे जरूरी काम आज ही निपटा लें और शुक्रवार को डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का इस्तेमाल करें। बैंक इस संबंध में दिनभर जरूरी अलर्ट जारी कर सकता है।
हड़ताल के चलते सरकारी बैंकों की शाखाओं में ताले लटके नजर आ सकते हैं या कर्मचारियों की भारी कमी रह सकती है। हालांकि, ज्यादातर प्राइवेट और विदेशी बैंक खुले रहेंगे। फिर भी, इंटरबैंक क्लीयरिंग से सभी बैंक जुड़े हैं, इसलिए इसका असर प्राइवेट बैंकों के कामकाज पर भी पड़ सकता है। 12 और 13 सितंबर को महीने का दूसरा शनिवार और रविवार होने के कारण कई शहरों में चेक क्लीयरेंस और कागजी कामकाज लगातार 4 दिनों तक प्रभावित रह सकता है। किसी भी पेनाल्टी से बचने के लिए इसे ध्यान में रखकर ही अपने बैंकिंग काम की प्लानिंग करें।

11 सितंबर बैंक हड़ताल: क्या हैं UFBU की मांगें और ताजा अपडेट
UFBU की मुख्य मांग हफ्ते में 5 दिन काम (5-डे बैंकिंग) लागू करना है, जिस पर दिसंबर 2023 और 8 मार्च 2024 के समझौते में सहमति बनी थी। इसके अलावा, यूनियन सीनियर अफसरों के लिए रिवाइज्ड परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) और समान महंगाई भत्ते (DA) फॉर्मूले के साथ पेंशन अपडेशन की मांग कर रही है। अगर मांगें पूरी नहीं हुईं, तो यूनियनों ने 28 से 30 सितंबर तक हड़ताल और फिर 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन कामबंद का ऐलान किया है।
बैंक हड़ताल का असर: ऑनलाइन क्या चलेगा और कौन से काम अटकेंगे
हड़ताल के दौरान भी UPI, IMPS, NEFT, RTGS, नेट बैंकिंग और एटीएम सेवाएं चालू रहेंगी। हालांकि, ब्रांच से जुड़े कामों पर बुरा असर पड़ेगा—जैसे कैश जमा/निकासी, लॉकर विजिट, डिमांड ड्राफ्ट और मैन्युअल केवाईसी। इसके अलावा, चेक क्लीयरेंस और NACH ई-मैंडेट जैसी सेवाओं में भी देरी हो सकती है। इसलिए समय पर होने वाले पैसों के लेनदेन के लिए थोड़ा एक्स्ट्रा मार्जिन लेकर चलें।
बैंक ग्राहकों के लिए 10 सितंबर की चेकलिस्ट: आज ही निपटा लें ये काम
अगर कोई जरूरी काम है, तो आज ही जरूरत के मुताबिक कैश निकाल लें, चेक जमा कर दें और बड़े अमाउंट का NEFT या RTGS कट-ऑफ टाइम से पहले ही प्रोसेस कर लें। अपनी ईएमआई (EMI) कटौती के लिए खाते में पर्याप्त बैलेंस रखें, क्योंकि ई-मैंडेट बाउंस होने पर पेनाल्टी लग सकती है। शुक्रवार को अर्जेंट पेमेंट के लिए केवल UPI या IMPS का सहारा लें। दिनभर अपने बैंक के मैसेज/नोटिफिकेशन पर नजर रखें और 12-13 सितंबर के वीकेंड के हिसाब से अपनी योजना बनाएं।