पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपी. (etv bharat)
लखनऊ: सरकारी नौकरी पाने के लिए लाखों युवा दिन-रात मेहनत करते हैं. कोई सालों तक किताबों में सिर खपाता है तो कोई कोचिंग में पसीना बहाता है लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो मेहनत नहीं, बल्कि पैसे के दम पर नौकरी खरीदने का सपना देखते हैं. लखनऊ में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां 15 लाख रुपये में टीचर की नौकरी दिलाने का सौदा हुआ था. प्लान ऐसा था कि असली अभ्यर्थी घर पर रहेगा और उसकी जगह दूसरा युवक परीक्षा देकर आएगा लेकिन परीक्षा केंद्र पर ही पूरा खेल बिगड़ गया और अब इस गैंग का सरगना भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया है.
क्या है मामला: इंस्पेक्टर शिवमंगल सिंह ने बताया कि यह मामला तीन मार्च 2026 का है. हुसैनगंज इलाके में स्थित बप्पा श्रीनारायण वोकेशनल गर्ल्स इंटर कॉलेज में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) भर्ती परीक्षा चल रही थी. परीक्षा के दौरान केंद्र व्यवस्थापक को एक अभ्यर्थी की गतिविधियां संदिग्ध देखी गईं. जांच की गई तो पता चला कि परीक्षा देने वाला युवक असली अभ्यर्थी नहीं है. वह विजय प्रताप सिंह की जगह बैठा था और फर्जी आधार कार्ड व दूसरे जाली दस्तावेजों के सहारे परीक्षा दे रहा था. सूचना मिलते ही हुसैनगंज पुलिस मौके पर पहुंची और मौके से राजेश प्रताप सिंह को गिरफ्तार कर लिया. यहीं से इस पूरे फर्जीवाड़े की परतें खुलनी शुरू हुईं.
ऐसे आगे बढ़ी जांच: जांच आगे बढ़ी तो पुलिस के सामने एक बड़ी साजिश आई. बैंक खातों की जांच, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों से पता चला कि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड सुल्तानपुर निवासी ऋषिकेश सिंह था. पुलिस के मुताबिक, उसने राजेश प्रताप सिंह को 15 लाख रुपये में परीक्षा देने के लिए तैयार किया था. इतना ही नहीं, 7 लाख रुपये एडवांस भी उसके बैंक खाते में भेज दिए गए थे. फर्जी आधार कार्ड और बाकी जाली दस्तावेजों की व्यवस्था भी उसी ने कराई थी, ताकि किसी को शक न हो.
हालांकि किस्मत ने साथ नहीं दिया, जिस दिन साल्वर परीक्षा केंद्र पर पकड़ा गया. उसी दिन ऋषिकेश अपनी गाड़ी छोड़कर मौके से फरार हो गया. पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी रही. सर्विलांस टीम, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की मदद से आखिरकार 26 जुलाई को उसे गिरफ्तार कर लिया गया.
पूछताछ में अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह गिरोह सिर्फ इसी परीक्षा तक सीमित था या पहले भी दूसरी सरकारी भर्ती परीक्षाओं में इसी तरह का खेल खेल चुका है. आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है और उसके अन्य साथियों की तलाश जारी है. पुलिस का कहना है कि सरकारी भर्ती परीक्षाओं में नकल, साल्वर गैंग और फर्जी दस्तावेजों के जरिए नौकरी हासिल करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा.