200 रुपए में हीरा खोजिए (ETV Bharat)
पन्ना: क्या आप जानते हैं भारत में एक ऐसी जगह है जहां मात्र 200 रुपए में आप हीरे की तलाश कर सकते हैं. सुनने में हैरानी होगी पर यह सच होता है मध्य प्रदेश के पन्ना में. यहां देश भर से लोगों ने हीरा पाने के लिए किस्मत आजमाई है. कई लोगों की किस्मत चमकी भी है. बस इसके लिए आपको भारतीय होना जरूरी है. आखिर पन्ना में 200 रुपए में कैसे हीरे निकलते हैं. क्या इसका प्रोसेस है, कैसे खुदाई की जाती है. हीरा निकलने के बाद कैसे निलामी होती है, आईए जानते हैं.
रत्नगर्भा धरती कहलाती है पन्ना की
मध्य प्रदेश के पन्ना की धरती रत्नगर्भा धरती के नाम से विश्व में विख्यात है. क्योंकि यहां पर दुनिया का सबसे अमूल्य रत्न हीरा निकलता है और यह हीरा यहां पर राजा महाराजाओं के समय से निकलता आ रहा है. फिर आजादी के बाद यहां पर देश का इकलौता हीरा कार्यालय खोला गया था जो आज तक निरंतर हीरा जमा कर रहा है. यहां पर हीरा खोदने के लिए शासकीय कंपनी भी स्थित है जो एनएमडीसी मझगवा के नाम से जानी जाती हैं.
पन्ना में कैसे निकलता है उथली और खेत खदानों में हीरा (ETV Bharat)
1 किलोमीटर चौड़ा गड्ढा खोदा
यह कंपनी पन्ना टाइगर रिजर्व के बीचो-बीच स्थित है. एनएमडीसी हीरा खनन परियोजना द्वारा करीब 500 मीटर गहरा 1 किलोमीटर चौड़ा गड्ढा खोदा गया है. उसमें से हीरे निकल जाते हैं और यह हीरे की नीलामी कंपनी द्वारा ऑनलाइन की जाती है. जबकि जो शासकीय हीरा कार्यालय से पट्टा बनवाकर हीर खोदते हैं उनके हीरे की नीलामी ऑफलाइन होती है. जिसमें मुंबई गुजरात दिल्ली एवं अन्य प्रदेशों के हीरा व्यापारी पन्ना आते हैं और नीलामी में उच्च बोली बोलकर हीरा लेकर जाते हैं.

खुदाई-कंकड़ों के बीच छिपा किस्मत का खेल (ETV Bharat)
पन्ना में कैसे निकलता है उथली और खेत खदानों में हीरा
पन्ना में हीरा कार्यालय से शासकीय हीरा खदान खोदने के लिए राजस्व द्वारा दो रकवा आरक्षित किए गए हैं. इसमें पहले रकवा पट्टी बजरिया है जो कृष्णा कल्याणपुर ग्राम पंचायत में आता है. दूसरा रकवा चोपड़ा का है जो ग्राम पंचायत सकरिया में आता है. यह दोनों रकवा पन्ना से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित है और पट्टी बजरिया के रकवा में ज्यादा लोग हीरा की खदान खोदते हैं. क्योंकि यहां पर हीरा आसानी से लोगों को मिल जाता है.

रत्नगर्भा कहलाती है पन्ना की धरती (ETV Bharat)
200 रुपए चालान में लेना होता है पट्टा
हीरा खोदने वाले राम दास कुशवाह बताते हैं कि, ”हीरे की खदान लगाना बहुत ही मेहनत और सब्र का काम है. हीरा खोदने के लिए सर्वप्रथम हीरा कार्यालय से ₹200 का चालान जमा करके पट्टा बनवाना पड़ता है. इसके बाद हीरा कार्यालय में पदस्थ हवलदार द्वारा खदान में पहुंचकर जगह को चिन्हित किया जाता है. फिर उसी जगह पर हीरे की तलाश के लिए खुदाई कर सकते हैं. इसके लिए सर्वप्रथम करीब 3 फीट तक मिट्टी को खोद कर अलग करना पड़ता है.
इसके बाद कंकड़ वाली मिट्टी मिलती है. इसी कंकड़ वाली मिट्टी में हीरा पाया जाता है और फिर एक चौकोर गड्ढा बनाया जाता है. जो करीब 1 से 2 फीट गहरा होता है, उसमें पानी भरा जाता है. फिर कंकड़ मिली मिट्टी को एक छल्ली से पानी में छान कर मिट्टी को अलग किया जाता है. फिर कंकड़ कंकड़ बचते हैं और फिर इन कंकड़ों को एक साफ समतल जगह पर फैलाया जाता है. सूखने तक इंतजार किया जाता है और इन्हीं कंकड़ों में धीरे-धीरे हीरे की तलाश की जाती है. यदि किस्मत अच्छी होती है तो इन्हीं कंकड़ों में हीरा मिल जाता है. यही हीरे की उथली खदान की पूरी प्रक्रिया है.”

पन्ना में खदानों पर हीरे तलाश करने में जुटे मजदूर (ETV Bharat)
भारत का कोई भी नागरिक ₹200 में खोद सकता है खदान
पन्ना में हीरा खदान खोदने के लिए व्यक्ति को भारत का नागरिक होना चाहिए. उसको हीरा कार्यालय पन्ना से ₹200 का बैंक चालान जमा करके हीरे की खदान का पट्टा बनवाना पड़ता है. इसके बाद हीरा कार्यालय से चिन्हित जमीन पर ही उसे खदान खोदनी पड़ती है. पन्ना जिले के अलावा भारत के कई शहरों से लोग यहां पर आकर अपनी किस्मत आजमाते हैं. जिसमें अभी कुछ दिन पूर्व नोएडा निवासी शेर सिंह राणा नामक व्यक्ति ने पन्ना में हीरे की खदान लगाई थी. उन्हें पन्ना में कई हीरे प्राप्त हुए हैं. जिसे उनके द्वारा हीरा कार्यालय में जमा करवाया गया है.