28 जुलाई को ITR भरा था? आज रात तक e-verify नहीं किया तो रिटर्न हो जाएगा अमान्य! | ITR E-Verification Deadline 2026: Last Chance For July 28 Filers To Avoid Invalid Tax Return


28 जुलाई को ITR भरा था? आज रात तक e-verify नहीं किया तो रिटर्न हो जाएगा अमान्य!

क्या आपने 28 जुलाई को अपना ITR दाखिल किया था? अगर हां, तो ध्यान दें कि आपके 30 दिन की e-verification की समय-सीमा आज रात यानी 27 अगस्त 2026 को खत्म हो रही है। अगर आप इसे मिस कर देते हैं, तो इनकम टैक्स पोर्टल पर आपका रिटर्न अमान्य (invalid) मान लिया जाएगा। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने साल 2022 में ही वेरिफिकेशन की समय-सीमा घटाकर 30 दिन कर दी थी। बिना वेरीफाई किए गए रिटर्न की प्रोसेसिंग शुरू नहीं होती। इसलिए, अपनी फाइलिंग की मूल तारीख और टैक्स बेनिफिट्स बरकरार रखने के लिए आज ही ई-वेरीफाई करें।

आज किसे तुरंत कदम उठाना है? उन सभी करदाताओं को, जिन्होंने 28 जुलाई को अपना ओरिजिनल, रिवाइज्ड या अपडेटेड ITR अपलोड किया था। 30 दिन की उल्टी गिनती रिटर्न फाइल करने की तारीख से ही शुरू हो जाती है। याद रखें कि रिफंड की प्रोसेसिंग सिर्फ रिटर्न दाखिल करने से नहीं, बल्कि e-verify करने के बाद ही शुरू होती है। इस काम में देरी पीक सीजन के दौरान आपके रिफंड को कई हफ्तों तक अटका सकती है। अपने रिफंड का रास्ता साफ रखने के लिए महज 2 मिनट का समय निकालकर आज ही e-verification पूरा कर लें।

ITR E-Verification Deadline 2026: Last Chance for July 28 Filers to Avoid Invalid Tax Return

ITR e-Verify करने के सबसे तेज तरीके: 2 मिनट में ऐसे निपटाएं काम

इसके लिए सबसे पहले ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करें, ‘e-File’ मेन्यू में जाकर ‘Income Tax Return’ चुनें और फिर ‘e-Verify’ पर क्लिक करें। अगर आपका मोबाइल नंबर आधार से लिंक है, तो Aadhaar OTP का विकल्प चुनें। इसके अलावा आप नेट बैंकिंग के जरिए लॉगिन करके भी e-Verify वाले विकल्प पर जा सकते हैं। आप अपने प्री-वैलिडेटेड बैंक या डीमैट अकाउंट से इलेक्ट्रॉनिक वेरिफिकेशन कोड (EVC) भी जनरेट कर सकते हैं। जहां डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) अनिवार्य है, वहां उसका इस्तेमाल करें। स्क्रीन पर आ रहे निर्देशों का पालन करते हुए प्रोसेस सबमिट कर दें।

ITR e-Verify की डेडलाइन छूट गई तो क्या होगा? समझें कॉन्डोनैशन की प्रक्रिया और नुकसान

अगर आप आज रात तक वेरिफिकेशन करने से चूक जाते हैं, तो आपको पोर्टल पर Services > Condonation Request > Delay in submission of ITR-V चुनकर रिक्वेस्ट दर्ज करनी होगी। इस रिक्वेस्ट को मंजूरी मिलने के बाद ही आप ई-वेरीफाई कर पाएंगे और प्रोसेसिंग दोबारा शुरू होगी। हालांकि, नियम के मुताबिक पोर्टल वेरिफिकेशन की तारीख को ही रिटर्न फाइलिंग की असल तारीख मानेगा। इससे समय पर भरा गया रिटर्न भी ‘बिलेटेड रिटर्न’ बन सकता है, जिससे नुकसान को आगे कैरी-फॉरवर्ड (Carry-forward) करने के अधिकार और लेट फीस की पेनल्टी का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए ठोस कारण बताते हुए ही यह रिक्वेस्ट सबमिट करें।

ITR old vs new regime: सैलरी के गणित से समझें आसान अंतर

परिदृश्य (Scenario) न्यू टैक्स रिजीम ओल्ड टैक्स रिजीम
ग्रॉस सैलरी (अनुमानित) ₹10,00,000 ₹10,00,000
स्टैंडर्ड डिडक्शन ₹75,000 ₹50,000
टैक्सेबल सैलरी ₹9,25,000 ₹9,50,000
अनुमानित टैक्स Section 87A रीबेट के तहत शून्य (NIL) लगभग ₹1,06,600 (4% सेस सहित)

न्यू टैक्स रिजीम के तहत नौकरीपेशा लोगों को ₹75,000 के स्टैंडर्ड डिडक्शन के साथ-साथ निवासी नागरिकों (resident individuals) को बढ़ा हुआ रीबेट लाभ मिलता है। वहीं पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Regime) में तय टैक्स स्लैब के साथ डिडक्शंस तो मिलते हैं, लेकिन इसमें बढ़ी हुई रीबेट का फायदा नहीं मिलता। अपनी वास्तविक कटौतियों और वित्तीय लक्ष्यों के हिसाब से सही रिजीम का चुनाव करें। और हां, अपने रिटर्न को अमान्य होने से बचाने के लिए आज रात 11:59 बजे से पहले इसे e-verify जरूर कर लें।



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