5 दिवसीय भारत दौरे पर म्यांमार के राष्ट्रपति, सबसे पहले बोधगया क्यों पहुंचे? – Myanmar President Min Aung Hlaing India Visit Bodhgaya Buddha Temple Bihar mnrd


म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग पांच दिवसीय आधिकारिक भारत दौरे पर शनिवार को बिहार पहुंचे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत आए राष्ट्रपति ने अपनी यात्रा की शुरुआत भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली महाबोधि मंदिर से की. गया एयरपोर्ट पहुंचने के बाद राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग कड़ी सुरक्षा के बीच सड़क मार्ग से बोधगया पहुंचे.

यहां बोधगया मंदिर प्रबंधन समिति (बीटीएमसी) के अधिकारियों, महाबोधि मंदिर के पुजारियों और बौद्ध भिक्षुओं ने उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया. स्वागत के दौरान उन्हें खादा भेंट कर सम्मानित भी किया गया.

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इसके बाद म्यांमार के राष्ट्रपति ने महाबोधि मंदिर के गर्भगृह में भगवान बुद्ध की प्रतिमा के समक्ष विशेष पूजा-अर्चना की. उन्होंने मंदिर परिसर में स्थित पवित्र बोधि वृक्ष के दर्शन और पूजन भी किया. बोधगया बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए सबसे पवित्र स्थलों में से एक माना जाता है, क्योंकि यहीं भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी.

क्या है म्यांमार के राष्ट्रपति का कार्यक्रम?

30 मई से 3 जून तक चलने वाले इस दौरे के दौरान राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे. राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनका पहला विदेशी दौरा है, इसलिए इसे म्यांमार और भारत के संबंधों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

भारत के लिए कैसे अहम है म्यांमार?

विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत म्यांमार के साथ अपने रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करना चाहता है. भारत के लिए म्यांमार न केवल पूर्वोत्तर क्षेत्र की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि दुर्लभ खनिज संसाधनों और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी परियोजनाओं के कारण भी इसकी अहमियत बढ़ गई है.

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों से जुड़े सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी. माना जा रहा है कि इस दौरे से भारत और म्यांमार के बीच राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग को नई गति मिलेगी.

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