’50 हजार रुपये पेंशन मिलेगी’, फिर शिक्षक बने बीजेपी के पूर्व सांसद रेबती त्रिपुरा, फैसले के पीछे बताई ये वजह – bjp former mp rebati tripura returns to teaching profession for pension and purpose


पूर्व बीजेपी सांसद रेबती त्रिपुरा फिर सरकारी स्कूल में शिक्षक बन गए हैं। उनका कहना है कि अध्यापन उन्हें जीवन का उद्देश्य देगा और भविष्य में करीब 50 हजार रुपये मासिक पेंशन सहित सेवानिवृत्ति लाभ भी सुनिश्चित करेगा।

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रेबती त्रिपुरा
अगरतला: बीजेपी के पूर्व सांसद रेबती त्रिपुरा ने अपने पुराने पेशे में लौटने का फैसला किया है। 2019 में पूर्वी त्रिपुरा लोकसभा सीट से सांसद रहे रेबती त्रिपुरा ने 20 जुलाई को अगरतला के एक सरकारी स्कूल में पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (PGT) के रूप में दोबारा कार्यभार संभाल लिया। उनका कहना है कि अध्यापन से उन्हें जीवन में उद्देश्य का एहसास होगा और भविष्य के लिए पेंशन की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। रेबती त्रिपुरा ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों से पार्टी की कोर कमेटी के सदस्य होने के बावजूद उनके पास कोई विशेष राजनीतिक जिम्मेदारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि इस दौरान उन्होंने बीजेपी जनजाति मोर्चा की केवल एक बैठक में हिस्सा लिया। ऐसे में उन्होंने अपने मूल पेशे में लौटने का निर्णय लिया।

2019 में बने सांसद

धलाई जिले के एक दूरदराज गांव से आने वाले रेबती त्रिपुरा ने राजनीतिक विज्ञान में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी करने के बाद वर्ष 2001 में अगरतला के महात्मा गांधी मेमोरियल स्कूल में शिक्षक के रूप में सेवा शुरू की थी। वर्ष 2014 में वे बीजेपी में शामिल हुए और 2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें पूर्वी त्रिपुरा से उम्मीदवार बनाया, जहां उन्होंने जीत दर्ज कर संसद का सफर तय किया।

खुद बताया क्यों लौटे पुराने पेशे में

हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने इस सीट से उन्हें टिकट नहीं दिया और उनकी जगह टिपरा मोथा पार्टी के प्रमुख प्रद्योत किशोर देबबर्मा की बहन कृति देवी देबबर्मा को उम्मीदवार बनाया। इसके बाद हाल ही में घोषित बीजेपी की नई प्रदेश पदाधिकारियों की सूची में भी उनका नाम शामिल नहीं किया गया। रेबती त्रिपुरा ने कहा कि यदि उन्हें छात्रों के बीच अच्छा अनुभव मिला तो वे अध्यापन जारी रखेंगे, अन्यथा स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति पर भी विचार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी में लौटने से सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले लाभ, विशेषकर करीब 50 हजार रुपये मासिक पेंशन, सुनिश्चित हो जाएगी।

राहुल महाजन

लेखक के बारे मेंराहुल महाजनराहुल महाजन नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में प्रिंसिपल डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। वह पंजाब, हरियाणा और हिमाचल जैसे राज्यों की खबरें कवर करते हैं। पत्रकारिता में उनका अनुभव 12 साल से अधिक का है। राहुल महाजन ने सितंबर 2022 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जॉइन किया था। इससे पहले उन्होंने न्यूज़18 हिंदी में छह साल तक बतौर वरिष्ठ संवाददाता काम किया। 2014 में जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की। वहां उन्होंने बतौर कॉपी एडिटर काम किया। दो साल तक टीवी में काम करने के बाद राहुल ने डिजिटल मीडिया में कदम रखा। 2016 से अब तक यह सफर लगातार जारी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वह @rahuljuly14 के नाम से सक्रिय हैं।

विशेषज्ञता:
पंजाब, हरियाणा और हिमाचल की राजनीतिक हलचल हो या फिर कोई बड़ा घटनाक्रम, उसके तमाम पहलुओं को राहुल महाजन रिपोर्ट करते हैं। उन्होंने हरियाणा और हिमाचल में हुए विधानसभा चुनावों को कवर किया है। इसके साथ ही हाल ही में हुए महाराष्ट्र निकाय चुनावों को भी उन्होंने अपनी टीम के साथ मिलकर कवर किया।

पत्रकारिता अनुभव:
हिंदुस्तान टाइम्स, यू कनेक्ट, आज समाज, ईटीवी, प्रदेश 18, न्यूज़18 हिंदी और वर्तमान में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया को मिलाकर राहुल महाजन को 12 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिमाचल की राजधानी शिमला से की थी। इसके बाद वे चंडीगढ़ में कार्यरत रहे हैं।

शिक्षा:
राहुल महाजन ने हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के एक सरकारी कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद उन्होंने हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी, शिमला से जर्नलिज्म की पढ़ाई की। यहां से मास्टर डिग्री लेने के बाद उन्होंने पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा।… और पढ़ें