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Virat Kohli eyes fastest 15000 ODI Runs: विराट कोहली छह महीने के लंबे इंतजार के बाद 14 जुलाई को इंग्लैंड के खिलाफ वनडे से मैदान पर वापसी कर रहे हैं. टेस्ट और टी20 को अलविदा कह चुके कोहली का पूरा ध्यान अब केवल वनडे और अगले साल होने वाले वर्ल्ड कप पर है. वे वनडे इतिहास में सबसे तेज 15,000 रन बनाने वाले बल्लेबाज बनने की दहलीज पर हैं, जिसके लिए उन्हें महज 203 रन चाहिए. 311 मैचों में 54 शतकों के साथ कोहली की यह वापसी बेहद ऐतिहासिक होने वाली है.

क्रिकेट के मैदान पर जब भी विराट कोहली (Virat Kohli) कदम रखते हैं, तो वक्त जैसे थम जाता है. लेकिन पिछले लगभग छह महीनों से भारतीय क्रिकेट फैंस की आंखें अपने इस पसंदीदा नायक को नीली जर्सी में देखने के लिए तरस गई थीं. जनवरी में न्यूजीलैंड के खिलाफ आखिरी बार मैदान पर उतरे कोहली ने एक लंबा ब्रेक लिया. इसके बाद वे अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज से भी चोट के कारण बाहर रहे. अब 14 जुलाई को जब भारत और इंग्लैंड के बीच पहला वनडे मुकाबला शुरू होगा, तो पूरी दुनिया की नजरें सिर्फ और सिर्फ विराट कोहली पर टिकी होंगी। यह सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि आधुनिक क्रिकेट के सबसे बड़े बल्लेबाज की एक ऐतिहासिक वापसी है.

विराट कोहली के करियर का यह दौर बेहद अनूठा और रणनीतिक है. उन्होंने हालिया टी20 इंटरनेशनल मैचों, यहां तक कि टी20 वर्ल्ड कप और आयरलैंड व इंग्लैंड के खिलाफ हुई टी20 सीरीज से भी पूरी तरह दूरी बनाए रखी. इतना ही नहीं, टेस्ट क्रिकेट को भी अलविदा कह चुके कोहली का पूरा ध्यान अब सिर्फ और सिर्फ वनडे फॉर्मेट पर केंद्रित है. इसका सीधा मतलब यह है कि कोहली अब अपने इंटरनेशनल करियर के आखिरी पड़ाव को बेहद खास बनाना चाहते हैं. जब भी वे वनडे क्रिकेट को अलविदा कहेंगे, वही उनका अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से पूर्ण संन्यास होगा, जो इस सीरीज को और भी ज्यादा भावुक और महत्वपूर्ण बनाता है.

वनडे क्रिकेट के इतिहास में 15,000 रनों का आंकड़ा छूना किसी सपने जैसा है. क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) 18,426 रनों के साथ इस शिखर पर अकेले राज कर रहे हैं. लेकिन अब विराट कोहली इतिहास रचने के बेहद करीब हैं। वे 15,000 वनडे रनों के जादुई आंकड़े से महज 203 रन दूर हैं. वर्तमान में वे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर हैं. जैसे ही कोहली इन 203 रनों को पार करेंगे, वे दुनिया के दूसरे और भारत के ऐसे दूसरे बल्लेबाज बन जाएंगे जो इस एलीट क्लब का हिस्सा होंगे. यह मील का पत्थर साबित करेगा कि कोहली क्यों सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में गिने जाते हैं.
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रिकॉर्ड्स का पीछा करना कोहली की फितरत है, लेकिन इस मैच में मैदान पर उतरते ही एक और अनूठा कीर्तिमान उनके नाम जुड़ जाएगा. इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में जैसे ही विराट बल्लेबाजी के लिए क्रीज पर कदम रखेंगे, वह उनके वनडे करियर की 300वीं पारी होगी. एक ऐसे फॉर्मेट में जहां फॉर्म और फिटनेस को सालों तक बनाए रखना नामुमकिन सा होता है, वहां 300 पारियों तक भारत के लिए रीढ़ की हड्डी बने रहना कोहली के बेजोड़ समर्पण को दिखाता है. यह आंकड़ा सिर्फ उनके टिके रहने की कहानी नहीं है, बल्कि तीन सौ पारियों तक विश्व क्रिकेट पर राज करने की गवाही है.

विराट कोहली न सिर्फ 15,000 रनों के आंकड़े को छूने वाले हैं, बल्कि वे इसे एक ऐसे अंदाज में करने जा रहे हैं जो सदियों तक याद रखा जाएगा. महान सचिन तेंदुलकर ने अपने 15,000 वनडे रन पूरे करने के लिए 359 पारियां खेली थीं. इसके विपरीत, विराट कोहली अभी अपनी 299वीं पारी खेल चुके हैं. इसका मतलब यह है कि कोहली के पास सचिन से पूरे 60 पारियां पहले इस मुकाम तक पहुंचने का एक विशाल और सुरक्षित बफर मौजूद है. अगर वह इंग्लैंड के खिलाफ इस तीन मैचों की सीरीज में बचे हुए 203 रन बना लेते हैं, तो वह दुनिया में सबसे तेज 15,000 वनडे रन बनाने वाले बल्लेबाज बन जाएंगे.

क्रिकेट की दुनिया में रन बनाना एक बात है, लेकिन जिस निरंतरता और रफ्तार से कोहली ने रन बनाए हैं, वह अविश्वसनीय है. लगभग 300 पारियां खेलने के बाद भी कोहली का बल्लेबाजी औसत 60 के करीब (58.71) बना हुआ है, जबकि उनका स्ट्राइक रेट 90 से ऊपर का है. आधुनिक क्रिकेट में जहाँ बल्लेबाज आक्रामकता के चक्कर में अपना विकेट गंवा देते हैं, वहीं कोहली ने एंकर और फिनिशर दोनों की भूमिका बखूबी निभाई है. इतनी लंबी अवधि तक 60 के औसत और 90+ के स्ट्राइक रेट को बनाए रखना यह साबित करता है कि कोहली खेल के इस प्रारूप के असली ‘सम्राट’ हैं.

कोहली के इस मुकाम तक पहुंचने की कहानी साल 2008 में शुरू हुई थी, जब एक युवा, आक्रामक और जोश से भरे दिल्ली के लड़के ने भारतीय टीम की नीली जर्सी पहनी थी. तब से लेकर आज तक, यानी पिछले 18 सालों में कोहली ने खुद को एक साधारण खिलाड़ी से महानतम आइकन में तब्दील कर लिया है. उन्होंने अब तक अपने करियर में कुल 311 मैच खेले हैं, जिसमें कई उतार-चढ़ाव आए, कप्तानी का दबाव आया और फॉर्म का संघर्ष भी देखना पड़ा, लेकिन उनका जज्बा कभी कम नहीं हुआ. उनका यह सफर भारतीय क्रिकेट के स्वर्णिम दौर की कहानी बयां करता है.

कोहली के रनों की भूख का अंदाजा उनके शतकों और अर्धशतकों की संख्या से लगाया जा सकता है. उन्होंने अब तक खेले 311 मैचों की 299 पारियों में 47 बार नाबाद रहते हुए कुल 14,797 रन बनाए हैं. इस दौरान उनके बल्ले से 54 शानदार शतक और 77 बेमिसाल अर्धशतक निकले हैं. वनडे क्रिकेट में 54 शतक लगाना किसी भी आम खिलाड़ी के पूरे करियर के रनों से भी ज्यादा का वजन रखता है. उनका सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर 183 रन है, जो उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ एशिया कप में बनाया था. यह आंकड़े बताते हैं कि जब कोहली चलते हैं, तो विरोधी टीमें सिर्फ मूकदर्शक बनकर रह जाती हैं.

इस साल के अंत में विराट कोहली अपना 38वां जन्मदिन मनाएंगे. इस उम्र में आमतौर पर खिलाड़ी संन्यास या खेल को अलविदा कहने की योजना बनाते हैं, लेकिन कोहली की नजरें अभी भी भविष्य के सबसे बड़े पुरस्कार पर टिकी हैं. उनका लक्ष्य अगले साल यानी 2027 में होने वाला वनडे वर्ल्ड कप है. टेस्ट और टी20 को पूरी तरह छोड़ देने का उनका फैसला भी इसी रणनीति का हिस्सा है ताकि वे अपने शरीर को पूरी तरह फिट रख सकें और अगले साल भारत को एक बार फिर विश्व विजेता बनाने में अपनी पूरी ताकत झोंक सकें. उनका यह जुनून युवाओं के लिए प्रेरणा है.

विराट कोहली का यह कमबैक सिर्फ रनों और रिकॉर्ड्स के बारे में नहीं है, बल्कि यह इस बात का जश्न है कि हम इतिहास को अपनी आंखों के सामने बनते देख रहे हैं. कोहली जब भी क्रिकेट के इस सबसे खूबसूरत सफर पर पूर्णविराम लगाने का फैसला करेंगे, तब तक वे ऐसे कीर्तिमान स्थापित कर चुके होंगे जिन्हें तोड़ पाना आने वाली पीढ़ियों के लिए एक एवरेस्ट चढ़ने जैसा होगा. इंग्लैंड के खिलाफ यह सीरीज कोहली के करियर की एक नई और आखिरी स्वर्णिम स्क्रिप्ट लिखने की शुरुआत है. पूरी दुनिया यह देखने के लिए उत्सुक है कि खेल का यह सर्वकालिक महान नायक क्रिकेट की किताब में अपना नाम और कितना ऊपर दर्ज कराता है.