‘69 सहायक शिक्षकों की भर्ती मामले में किसी की नौकरी नहीं जाएगी’, National Hindi News


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उत्तर प्रदेश सरकार ने 69 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती में सुप्रीम कोर्ट को स्पष्ट किया है कि पहले से नियुक्त शिक्षकों की नौकरी नहीं जाएगी। सरकार ने कहा कि अगर नए उम्मीदवार योग्य पाए जाते हैं, तो उन्हें खाली पदों पर नियुक्त किया जाएगा। 8,270 अभ्यर्थियों की संशोधित सूची भी पेश की गई है।

‘69 सहायक शिक्षकों की भर्ती मामले में किसी की नौकरी नहीं जाएगी’

उत्तर प्रदेश सरकार ने 69 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में स्पष्ट किया कि नियुक्त हो चुके किसी भी शिक्षक की नौकरी नहीं जाएगी। शीर्ष अदालत में प्रदेश सरकार ने इस बारे में हलफनामा दाखिल किया है। इसमें कहा गया कि 2020 में नियुक्त हो चुके 67 हजार 867 सहायक शिक्षकों की नियुक्ति पर किसी तरह का कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

सरकारी हलफनामा

जस्टिस दीपांकर दत्ता और शील नागू की पीठ के समक्ष दाखिल हलफनामे में सरकार ने कहा कि यदि हाईकोर्ट के 13 अगस्त 2024 के फैसले के मुताबिक तैयार की गई मेधा सूची में नए उम्मीदवार योग्य पाए जाते हैं तो उन्हें मौजूदा खाली पदों पर नियुक्त किया जाएगा। हालांकि सरकार ने यह कवायद सिर्फ 69 हजार शिक्षकों की नियुक्ति मामले तक सीमित रहेगा और भविष्य में होने वाले किसी भर्ती में इसका कोई लाभ नहीं दिया जाएगा। सरकार ने शीर्ष अदालत में 8,270 ऐसे अभ्यर्थियों की संशोधित सूची भी पेश की है जो अभी सेवा में नहीं हैं।

भर्ती प्रक्रिया की विवरण

राज्य सरकार ने कहा कि 19 मई को आदेश के बाद, राज्य के सक्षम अधिकारियों ने हाईकोर्ट के 13 अगस्त 2024 के फैसले के अनुसार मेधा सूची को दोबारा तैयार करने सहित कई विस्तृत प्रक्रियाएं पूरी कीं।

हलफनामे में कहा गया कि मौजूदा कार्यवाही में 20 जुलाई को एक हलफनामा दाखिल किया है, जिसमें संशोधित मेधा सूची में जगह पाने वाले अन्य लोगों को शामिल करने के लिए प्रक्रिया पूरी की है, बिना पहले से नियुक्त लोगों को हटाए। हलफनामा में कहा गया कि यह इस शर्त पर है कि मौजूदा रिक्तियां हों, उम्मीदवार न्यूनतम योग्यता पूरी करते हों और इस प्रक्रिया को भविष्य के मामलों में मिसाल के तौर पर न माना जाए। सुप्रीम कोर्ट को यह जानकारी देते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा कि अदालत का जो भी आदेश होगा, उसका पालन किया जाएगा। अब इस मामले में मंगलवार को सुनवाई होगी।

आरक्षण घोटाले का विरोध

पिछली सुनवाई पर सुप्रीम कोर्ट में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे ने सरकार द्वारा जारी सूची का पुरजोर तरीके से विरोध किया। उन्होंने पीठ से कहा था कि राज्य सरकार द्वारा आरक्षण घोटाले की 8,270 की जो लिस्ट कोर्ट को उपलब्ध कराई गई है, वह पूरी तरह से गलत है इसमें पारदर्शिता नहीं है। उन्होंने सरकार द्वारा पेश मेधा सूची को एक मनगढ़ंत भ्रामक सूची बताया और कहा कि राज्य सरकार ने अभी तक इस शिक्षक भर्ती की मूल चयन सूची को अभ्यर्थियों के गुणांक, कैटागिरी, सब कैटिगरी आदि के क्रम में प्रदर्शित करते हुए जारी नहीं की है।

अधिकांश प्रश्न

क्या पहले से नियुक्त शिक्षकों की नौकरी जाएगी?

नहीं, सरकार ने स्पष्ट किया है कि नियुक्त हो चुके किसी भी शिक्षक की नौकरी नहीं जाएगी।

नए उम्मीदवारों की नियुक्ति कैसे होगी?+

सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई कब होगी?+



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