‘नागिन का आखिरी वार’ की कहानी इस बार केवल नागलोक तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका कैनवास बहुत बड़ा है. फिनाले की रात 10 हजार साल बाद आसमान में ‘नीलचंद्र’ उगने वाला है, जो ब्रह्मांडीय शक्तियों का केंद्र है. इसी रात शिव पौराणिक कथाओं, पुराने सीजन्स के लेगेसी किरदारों और नागमणि की किस्मत का फैसला होना है.