पिता ने छोड़ी सरकारी नौकरी, बेटे को बनाया SDM, बोले- सिर गर्व से ऊंचा हो गया


Last Updated:

Sheohar BPSC Success: विकास कुमार ने बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा में शानदार सफलता हासिल करते हुए SDM का पद प्राप्त किया है. विकास के SDM बनने की खबर सुनते ही उनके परिवार, गांव और सभी शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई. ग्रामीण एक-दूसरे को लड्डू खिलाकर बधाई देने लगे और पूरे इलाके में जमकर आतिशबाजी की गई.

शिवहर: शिवहर जिले के डुमरी कटसरी प्रखंड के श्यामपुर पंचायत स्थित चमैनिया टोला में खुशी का ठिकाना नहीं रहा. जब BPSC परीक्षा का परिणाम घोषित हुआ. विकास कुमार ने बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा में शानदार सफलता हासिल करते हुए SDM का पद प्राप्त किया है. विकास के SDM बनने की खबर सुनते ही उनके परिवार, गांव और सभी शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई. ग्रामीण एक-दूसरे को लड्डू खिलाकर बधाई देने लगे और पूरे इलाके में जमकर आतिशबाजी की गई.

विकास वर्तमान में राजकीय मध्य विद्यालय श्यामपुर के शिक्षक राकेश कुमार पासवान के छोटे भाई है. इस ऐतिहासिक सफलता पर डुमरी कटसरी के प्रखंड विकास पदाधिकारी अरुण कुमार ने भी विकास को बधाई दी और कहा कि यह उनकी अटूट लगन, कड़ी मेहनत और संघर्ष का ही सुखद परिणाम है.

पिता की आंखों में खुशी के आंसू
बेटे की इस गौरवमयी कामयाबी पर पिता देवशरण पासवान की आंखें खुशी से नम हो गईं. भावुक होते हुए उन्होंने बताया कि यह सफलता सिर्फ उनके बेटे की नहीं, बल्कि पूरे परिवार की है. उनका बेटा अब एक ऊंचे प्रशासनिक पद पर पहुंच गया है. जिससे उनका सिर गर्व से ऊंचा हो गया है. पिता ने बताया कि विकास की पढ़ाई दिल्ली से हुई है और उसने अपने तीसरे प्रयास में यह मुकाम हासिल किया है. इससे पहले एक बार की परीक्षा पेपर लीक की वजह से रद्द हो गई थी, जबकि दूसरे प्रयास में कुछ कमियों के कारण चयन नहीं हो सका था. आखिरकार तीसरी बार में मेहनत रंग लाई.

उन्होंने बताया कि रात के करीब 9:30 बजे विकास ने फोन पर कहा- पापा रिजल्ट आ गया है. यह सुनते ही पूरा परिवार और गांव झूम उठा. पिता ने अपनी पुरानी यादें साझा करते हुए बताया कि वे खुद भी सेंट्रल गवर्नमेंट की नौकरी में थे. लेकिन दूर-दूर पोस्टिंग होने के कारण उन्होंने नौकरी छोड़ दी और दिल्ली में बेटे के साथ रहकर एक सिक्योरिटी एजेंसी में काम करने लगे. ताकि बेटे की पढ़ाई प्रभावित न हो.

विकास की माता राम दुलारी देवी ने भी नम आंखों से अपने बेटे को आशीर्वाद दिया और कहा कि उनका बेटा बचपन से ही बेहद संस्कारी, गुणी और व्यवहार कुशल रहा है. तीन भाइयों में सबसे छोटे विकास ने हमेशा अपने माता-पिता के मान-सम्मान का ध्यान रखा. मां ने कहा कि यह समय बेहद संघर्षों से भरा रहा है. लेकिन आज उनकी तपस्या सफल हो गई और उनके दिन बदल गए है. जब उनसे विकास की शादी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि बेटे की शादी उसकी पसंद और उसके स्तर के अनुसार ही धूमधाम से की जाएगी.

फिलहाल परिवार की एक और बेटी भी BPSC की तैयारी कर रही है और पिता की इच्छा है कि बेटी का भी चयन हो जाए. इसके साथ ही विकास का मुख्य लक्ष्य UPSC की परीक्षा निकालना है, जिसके लिए वह आगे भी अपनी तैयारी जारी रखेंगे.

विकास का युवाओं को संदेश
अपनी इस शानदार सफलता पर दिल्ली से फोन पर बातचीत के दौरान विकास कुमार ने बेहद खुशी जाहिर की. उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि अगर कड़ी मेहनत, सही रणनीति और अटूट लगन के साथ संघर्ष किया जाए, तो समय आने पर वह निश्चित रूप से रंग लाता है. उन्होंने अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और अपने प्रियजनों को दिया.



Leave a Comment