दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलज’ ओटीटी से हटाने के साथ ही काफी विवादों में है। इसी के साथ फिल्म सतलज IMDb पर 2026 की हाइएस्ट रेटिंग फिल्म बन गई है और अनुराग कश्यप ने खुलकर ऐलान किया है कि सब लोग फिल्म देखो, चाहे पायरेटेड वर्जन ही क्यों न देखनी पड़े।

अनुराग कश्यप ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर ZEE5 की वह पोस्ट शेयर की, जिसमें बताया गया था कि ‘सतलज’ फिलहाल भारत में स्ट्रीम नहीं होगी। इसके साथ उन्होंने लिखा कि किसी भी चीज पर बैन लगाने का असर अक्सर उल्टा होता है। उन्होंने कहा, ‘मैंने पहले इस फिल्म को देखने के बारे में सोचा भी नहीं था, लेकिन अब इसे जरूर देखना चाहता हूं ताकि समझ सकूं कि आखिर इसे हटाने की जरूरत क्यों पड़ी।’
मैंने पहले इस फिल्म सतलज को देखने के बारे में सोचा भी नहीं था लेकिन अब इसे जरूर देखना चाहता हूं ताकि समझ सकूं कि आखिर इसे हटाने की जरूरत क्यों पड़ी
अनुराग कश्यप
अर्जुन रामपाल वाला एक खास सीन फिल्म हटाने की बड़ी वजह?
इसके बाद कश्यप ने एक और इंस्टाग्राम स्टोरी शेयर की, जिसमें सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा फिल्म का एक एडिटेड वीडियो है। उस पोस्ट में दावा किया गया था कि अर्जुन रामपाल वाला एक खास सीन फिल्म हटाने की बड़ी वजह बना। इस पर रिएक्ट करते हुए अनुराग ने लोगों से फिल्म देखने की अपील की। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर फिल्म किसी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध न हो, तब भी लोग किसी तरह इसे जरूर देखें। उन्होंने लिखा, ‘सब लोग फिल्म देखो, चाहे पायरेटेड वर्जन ही क्यों न देखनी पड़े।’
‘दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलज IMDb पर 2026 की हाइएस्ट रेटिंग’
अनुराग कश्यप ने फिल्म को मिले IMDB रेटिंग भी सोशल मीडिया पर शेयर की है। पोस्ट में फिल्म से दिलजीत दोसांझ की तस्वीर के साथ IMDB पर नंबर 1 होने की बात लिखी है। इसी के साथ कैप्शन में लिखा है, ‘दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलज IMDb पर 2026 की हाइएस्ट रेटिंग फिल्म बन गई है जिसे 9.5 रेटिंग मिली है।’ हालांकि, IMDB से भी अब रेटिंग हटा दी गई है।
क्या है ‘सतलज’ की कहानी
‘सतलज’ की कहानी 1990 के दशक के पंजाब में फैले उग्रवाद और मानवाधिकार उल्लंघनों के बैकग्राउंड पर आधारित है। फिल्म सामाजिक कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की जिंदगी से प्रेरित है, जिन्होंने हजारों कथित अवैध और गुप्त दाह संस्कार मामलों की जांच कर कई अहम तथ्य सामने रखे थे। फिल्म में दिलजीत दोसांझ मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। उनके साथ अर्जुन रामपाल, कंवलजीत सिंह, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओहल्यान भी अहम किरदारों में नजर आए हैं।
जसवंत सिंह खालड़ा के सफर को काफी गहराई से दिखाया गया
फिल्म में एक सामान्य बैंक मैनेजर जसवंत सिंह खालड़ा के सफर को काफी गहराई से दिखाया गया है। जब उनके कई परिचित और आसपास के लोग अचानक रहस्यमय तरीके से गायब होने लगते हैं तब वह पीड़ित परिवारों की मदद करने और सच का पता लगाने का बीड़ा उठाते हैं। वे अपनी जान और परिवार की सुरक्षा को दांव पर लगाकर, एक सरकारी जांच शुरू करते हैं जो राज्य की हिंसा और फेक एन्काउंट्स के काले सच को दुनिया के सामने लाती है।
फिल्म में 120 से ज्यादा बदलाव करने को कहा गया था
यह फिल्म लंबे समय से सेंसर बोर्ड की मंजूरी का इंतजार कर रही थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म निर्माता हनी त्रेहान से पहले फिल्म में 120 से ज्यादा बदलाव करने को कहा गया था। इसी वजह से फिल्म करीब तीन से चार साल तक रिलीज नहीं हो सकी। हाल ही में इसका अनकट वर्जन ZEE5 पर रिलीज किया गया, लेकिन महज 48 घंटे के भीतर ही इसे अगले आदेश तक प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया।
फिल्म का नाम बदलकर उसे सीधे ओटीटी पर ले आए
ANI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म को थिएटर रिलीज के लिए जरूरी सेंसर सर्टिफिकेट नहीं मिला था। रिपोर्ट में कहा गया कि निर्माता सर्टिफिकेशन प्रक्रिया पूरी करने के बजाय फिल्म का नाम बदलकर उसे सीधे ओटीटी पर ले आए, जिसके बाद इसे भारत में फिलहाल हटा दिया गया।
दिलजीत दोसांझ ने जताई थी आशंका
दिलजीत दोसांझ ने भी फिल्म हटाए जाने से कुछ घंटे पहले अपने लाइव सेशन में इस आशंका का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि ऐसा हो सकता है कि फिल्म प्लेटफॉर्म से हटा दी जाए और बाद में यही हुआ। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से वह निराश जरूर हैं, लेकिन दर्शकों का प्यार और फिल्म को मिल रही प्रतिक्रिया उन्हें खुशी दे रही है। उन्होंने बताया कि वह सोशल मीडिया पर फैंस द्वारा शेयर किए जा रहे फिल्म के वीडियो भी लगातार देख रहे हैं।
