सरकारी अस्पताल के निर्माणाधीन भवन में लगा मजदूर को करंट, 40 घंटों से मोर्चरी में शव, कंपनी के खिलाफ FIR


Locals protesting

प्रदर्शन करते स्थानीय (ETV Bharat Churu)

चूरू: राजकीय भर्तिया अस्पताल के निर्माणाधीन भवन में करंट लगने से मजदूर की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. मजदूर का शव पोस्टमार्टम के इंतजार में पिछले 40 घंटों से राजकीय भर्तिया अस्पताल की मोर्चरी में रखा है, लेकिन परिजन और समाज मांगे नहीं माने जाने तक पोस्टमार्टम करवा शव लेने को तैयार नहीं हैं.

परिजनों की रिपोर्ट पर बिजली ठेकेदार के खिलाफ कोतवाली थाने में पुलिस ने मामला दर्जकर तफ्तीश शुरू कर दी. इधर मोर्चरी के आगे बुधवार को नायक समाज सयुंक्त समिति के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि ठेकेदार दबंगई से मजदूरों से बिना सुरक्षा उपकरण दिए कार्य करवा रहा था. कोतवाली थानाधिकारी सुखराम चोटिया ने बताया कि मृतक के चाचा पपुराम ने रिपोर्ट दी कि उसका भतीजा ओमप्रकाश बिजली ठेकेदार के मार्फत पिछले करीब एक साल से उसके यहां कंपनी में काम लग रहा था.

परिजनों की ये है मांगें, देखें वीडियो (ETV Bharat Churu)

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रिपोर्ट के अनुसार, मृतक और उसके दोस्तों ने ठेकेदार से कई बार सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाने की मांग की, लेकिन ठेकेदार ने मनमर्जी से काम करवाया और उसी का नतीजा रहा कि 6 जुलाई की शाम अस्पताल के निर्माणाधीन भवन में बिजली कार्य करते समय करंट लगने से उसकी मौत हो गई. परिजनों की रिपोर्ट पर पुलिस ने ठेकेदार के खिलाफ बीएनएस की धाराओं में मामला दर्जकर मामले की जाँच शुरू कर दी है.

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ये है मांग: नायक समाज सयुंक्त समिति के जिला अध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद नायक ने कहा कि मृतक घर में अकेला कमाने वाला था और मृतक का पिता दिव्यांग है. ऐसे में मृतक के परिजनों को सरकारी नौकरी दी जाए. एक मुश्त 50 लाख रुपए मुवावजा दिया जाए. फर्म को ब्लैक लिस्ट कर आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए, अन्यथा वे बड़ा आंदोलन करेंगे.



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