सरकारी नौकरी और प्रोपर्टी के लिए 7 लाख की सुपारी देकर स्कॉर्पियो से मां को कुचलवाया, बेटी समेत 7 गिरफ्तार – jaipur daughter conspired mother murder property government job supari scorpio lclar


राजस्थान की राजधानी जयपुर में रिश्तों को झकझोर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. पुलिस के अनुसार, सरकारी नौकरी और प्रॉपर्टी हासिल करने की चाहत में एक बेटी ने अपनी ही मां की हत्या की साजिश रची. आरोप है कि उसने अपने ताऊ और चचेरे भाई के साथ मिलकर 7 लाख रुपये की सुपारी दी और स्कॉर्पियो से कुचलवाकर मां की हत्या करा दी. इस मामले में पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी अब भी फरार है.

यह घटना 3 जुलाई की शाम करीब 4 बजकर 45 मिनट पर जयपुर के प्रताप नगर थाना क्षेत्र में हुई. 45 वर्षीय नीरज शर्मा कोर्ट में एलडीसी के पद पर कार्यरत थीं. पुलिस के अनुसार, वह अपने बेटे को कोचिंग छोड़कर घर लौट रही थीं. इसी दौरान करीब 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आई एक स्कॉर्पियो ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी भीषण थी कि उनका शरीर करीब 100 फीट दूर जाकर गिरा और मौके पर ही उनकी मौत हो गई. घटना के बाद स्कॉर्पियो चालक मौके से फरार हो गया.

शुरुआत में मामला सड़क हादसा लग रहा था, लेकिन पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तो जांच की दिशा बदल गई. फुटेज में पुलिस को ऐसे संकेत मिले, जिनसे यह स्पष्ट हुआ कि यह सामान्य दुर्घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या थी. इसके बाद पुलिस ने पूरे मामले की गहराई से जांच शुरू की.

CCTV फुटेज ने खोला हत्या की साजिश का राज

डीसीपी ईस्ट रंजीता शर्मा के अनुसार, नीरज शर्मा के पति का एक वर्ष पहले निधन हो गया था. पति की मौत के बाद अनुकंपा नियुक्ति के तहत नीरज शर्मा को एलडीसी की नौकरी मिली थी. पुलिस जांच में सामने आया कि उनकी बेटी आयुषी शर्मा की नजर मां की नौकरी और संपत्ति पर थी. पिछले दो-तीन वर्षों से मां-बेटी के बीच संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था. आयुषी चाहती थी कि पिता की जगह सरकारी नौकरी उसे मिले, लेकिन मां ने खुद नौकरी जॉइन कर ली. पुलिस का कहना है कि इसी के बाद उसने मां को रास्ते से हटाने की योजना बनाई.

जांच में सामने आया कि आयुषी शर्मा ने अपने ताऊ मोहन स्वरूप और चचेरे भाई बलराम उर्फ रवि के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची. तीनों ने भरतपुर निवासी हेमंत शर्मा को 7 लाख रुपये की सुपारी देकर नीरज शर्मा की हत्या कराने का सौदा किया. पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पहले एक थार गाड़ी किराए पर लेकर कई दिनों तक नीरज शर्मा की रेकी की, लेकिन उस दौरान वारदात को अंजाम नहीं दे सके. इसके बाद करीब एक महीने तक उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई. आखिरकार पूरी योजना के तहत स्कॉर्पियो से टक्कर मारकर उनकी हत्या कर दी गई.

जांच में यह भी सामने आया कि घटना वाले दिन सभी आरोपी अपनी-अपनी भूमिका निभा रहे थे. पुलिस के अनुसार, मोहित शर्मा लगातार नीरज शर्मा की लोकेशन साझा कर रहा था. रोहित जाटव बाइक पर कुछ दूरी से निगरानी कर रहा था. स्कॉर्पियो आकाश शर्मा चला रहा था और उसके साथ अरविंद शर्मा मौजूद था. वारदात के बाद आरोपी स्कॉर्पियो छोड़कर बाइक से फरार हो गए. घटना के बाद नीरज शर्मा के भाई राकेश कुमार शर्मा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने बताया कि उनकी बहन पहले भी बेटी आयुषी, ससुराल पक्ष और जेठ के बेटे द्वारा प्रॉपर्टी को लेकर परेशान किए जाने की बात बता चुकी थीं. उन्होंने यह भी बताया था कि उन्हें कई बार जान से मारने की धमकी दी गई थी.

पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार 

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आयुषी शर्मा ने स्वीकार किया कि वह पिता की जगह सरकारी नौकरी चाहती थी, लेकिन मां के नौकरी जॉइन करने के बाद उसने उनकी हत्या की साजिश रची ताकि नौकरी और संपत्ति दोनों उस तक पहुंच सकें. इस मामले में पुलिस ने आयुषी शर्मा, मोहन स्वरूप, मोहित शर्मा, आकाश शर्मा, अरविंद शर्मा, हेमंत शर्मा और रोहित जाटव को गिरफ्तार कर लिया है. हत्या की साजिश में शामिल मुख्य आरोपी बलराम उर्फ रवि अभी फरार है. उसकी तलाश में पुलिस की कार्रवाई जारी है.
 

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