विदेशों में रहने वाले पाकिस्तानी जमकर अपने देश को पैसा भेज रहे हैं। फाइनेंशियल ईयर 2026 में पाकिस्तान में आने वाला रेमिटेंस उसके कुल एक्सपोर्ट से ज्यादा हो गया। कहां से आ रहा है पाकिस्तान में सबसे ज्यादा पैसा?
हाइलाइट्स
- पाकिस्तान को मिला रेमिटेंस उसके एक्सपोर्ट से ज्यादा पहुंचा
- पिछले फाइनेंशियल ईयर में मिला रेकॉर्ड $41.6 अरब रेमिटेंस
- पाकिस्तान की जीडीपी में रेमिटेंस की हिस्सेदारी करीब 10%
- रेमिटेंस पाने के मामले में भारत दुनिया में पहले नंबर पर है

पाकिस्तान के सेंट्रल बैंक के अनुसार 30 जून को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर (FY26) में देश को विदेशों में काम करने वाले लोगों से रेकॉर्ड $41.6 बिलियन की रेमिटेंस मिली। यह रकम इसी दौरान हुए कुल एक्सपोर्ट से भी ज्यादा थी। स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान ने सोशल मीडिया पर बताया कि फाइनेंशियल ईयर 2026 में रेमिटेंस के रूप में $38.3 बिलियन की रकम मिली थी जबकि इस बार इसमें 8.6% का इजाफा हुआ है।
पाकिस्तान में मरना भी हुआ महंगा, कफन से लेकर कब्र तक के बढ़ गए दाम, कर्ज लेकर हो रहा अंतिम संस्कार
भारत वर्सेज पाकिस्तान
पाकिस्तान के वित्त मंत्री के सलाहकार खुर्रम शहजाद ने कहा कि यह आंकड़ा पाकिस्तान के इतिहास में अब तक की सबसे ज्यादा सालाना रेमिटेंस है।
डेटा से पता चला कि जून में सबसे ज्यादा रेमिटेंस सऊदी अरब ($829.6 मिलियन) से आया। इसके बाद यूएई ($792.3 मिलियन), यूके ($514.9 मिलियन) और अमेरिका ($296.8 मिलियन) का नंबर आता है। $100 मिलियन से ज्यादा रेमिटेंस भेजने वाले अन्य देशों में इटली ($121.1 मिलियन) और ओमान ($110.8 मिलियन) शामिल हैं।
भारत रेमिटेंस पाने के मामले में सबसे आगे है। 2025-26 में यह आंकड़ा 144.79 अरब डॉलर रहा। भारत में रेमिटेंस के रूप में सबसे ज्यादा पैसे अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात से आते हैं। पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद वहां रह रहे भारतीय वर्कर्स ने अप्रैल में 16 अरब डॉलर रेमिटेंस के रूप में भारत भेजे। भारत के बाद सबसे ज्यादा रेमिटेंस पाने वाले देश मेक्सिको और चीन हैं। पाकिस्तान की जीडीपी में रेमिटेंस की हिस्सेदारी 10 फीसदी है जबकि भारत के मामले में यह 3.5 फीसदी है।
