15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी आईपीएल की सफलता के बाद इंग्लैंड की पिचों पर अतिरिक्त उछाल, स्विंग और शॉर्ट-पिच गेंदों के सामने संघर्ष करते नजर आ रहे हैं।

शॉर्ट-पिच और तेज गेंदबाजी के खिलाफ कमजोरी
इंग्लैंड के गेंदबाजों ने वैभव सूर्यवंशी की कमजोरी को बहुत जल्दी भांप लिया है और वे लगातार उनके खिलाफ इसी रणनीति का इस्तेमाल कर रहे हैं। जोफ्रा आर्चर जैसे एक्सप्रेस तेज गेंदबाज उन्हें लगातार 145 से अधिक की रफ्तार वाली शॉर्ट-पिच और बाउंसर गेंदे फेंककर परेशान कर रहे हैं।
जरूरत से ज्यादा आक्रामक रवैया और धैर्य की कमी
वैभव सूर्यवंशी एक नेचुरल स्ट्रोक-प्लेयर हैं जो पहली ही गेंद से बड़ा शॉट खेलने पर भरोसा रखते हैं। आईपीएल में तो सपाट पिचों पर यह रणनीति काम कर गई लेकिन इंग्लैंड में स्विंग और सीम होती गेंदों के सामने उनका यह जरूरत से ज्यादा आक्रामक रवैया आत्मघाती साबित हो रहा है। वे क्रीज पर थोड़ा समय बिताने और पिच के मिजाज को समझने के बजाय हर गेंद पर प्रहार करने की कोशिश कर रहे हैं जिससे वे गलत शॉट खेलकर अपना विकेट गंवा रहे हैं।
इंग्लिश पिचों से तालमेल न बैठना
भारत की सूखी और टर्निंग पिचों की तुलना में इंग्लैंड की परिस्थितियां बिल्कुल अलग होती हैं। यहां की पिचों पर शुरुआती ओवर्स में काफी ज्यादा सीम मूवमेंट और अतिरिक्त उछाल देखने को मिलता है। वैभव ने अपने करियर में पहली बार इंग्लैंड की परिस्थितियों में इस स्तर पर क्रिकेट खेला है। हवा में गेंद के लगातार लहराने और पिच से मिलने वाले लेटरल मूवमेंट के कारण वे गेंद की लाइन और लेंथ को सही से जज नहीं कर पा रहे हैं जो उनके फ्लॉप होने की एक मुख्य वजह है।
इंटरनेशनल क्रिकेट का भारी दबाव
महज 15 साल की उम्र में भारतीय टीम की जर्सी पहनना और दुनिया के सबसे बेहतरीन गेंदबाजों का सामना करना किसी भी खिलाड़ी के लिए मानसिक रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। जब वैभव मैदान पर उतरते हैं तो उन पर अपनी आईपीएल की सफलता को दोहराने और रिकॉर्ड्स के बोझ का एक दबाव साफ दिखाई देता है। इस दबाव के चलते वे अपनी स्वाभाविक बल्लेबाजी नहीं कर पा रहे हैं और हड़बड़ाहट में स्पिनर्स के खिलाफ भी क्रीज से बाहर निकलकर स्टंप आउट जैसे आसान शिकार बन रहे हैं।
विपक्षी टीमों द्वारा की गई तगड़ी एनालिसिस
आज के आधुनिक क्रिकेट में वीडियो एनालिसिस की भूमिका बहुत बड़ी हो गई है। वैभव सूर्यवंशी ने जब आईपीएल में धमाल मचाया था, तब तक वे दुनिया के लिए एक नए खिलाड़ी थे। लेकिन अब इंग्लैंड की टीम ने उनके हर एक शॉट, उनके फुटवर्क और उनकी कमजोरियों का बारीकी से अध्ययन कर लिया है।
