PoK Protest: मुजफ्फराबाद मार्च से कांपा पाकिस्तान, PoK को छावनी बनाया, 17500 से ज्यादा सैनिक तैनात – pakistan to deploy over 17500 troops in pok aftre protesters announcement of muzaffarabad march


पाकिस्तान सरकार पीओके में 15 जुलाई को निकलने वाले मुजफ्फराबाद मार्च से पहले इलाके को छावनी में बदलने की योजना बनाई है। इसके लिए 4,000 और फ्रंटियर कॉर्प्स (FC) जवान और पाकिस्तान रेंजर्स के 5500 सैनिकों को तैनात किया जाएगा। पीओके में जारी विरोध प्रदर्शनों में अब तक 61 लोगों की मौतें हो चुकी हैं।

Pakistam Army POK
पीओके में पाकिस्तानी सेना
इस्लामाबाद: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में बढ़ती अशांति के बीच जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) ने 15 जुलाई को मुजफ्फराबाद की ओर मार्च निकालने की घोषणा की है। जेएएसी ने पूरे इलाके के लोगों से बड़ी संख्या में विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। प्रदर्शनकारियों के मुजफ्फराबाद मार्च के ऐलान से पाकिस्तान सरकार के हाथ-पांव फूल गए हैं। ऐसे में पीओके की कठपुतली सरकार ने पाकिस्तान के गृह मंत्रालय से 4,000 और फ्रंटियर कॉर्प्स (FC) जवान और पाकिस्तान रेंजर्स की 7 विंग (लगभग 5,500 सैनिक) तैनात करने की अपील की है। यह तैनाती पीओके में पहले से मौजूद 8000 से ज्यादा पाकिस्तानी रेंजर्स के अलावा होगी, जो 4 जून से ही इलाके में में मौजूद हैं।

PoK में 61 प्रदर्शनकारियों की मौत

पीओके में जारी विरोध प्रदर्शनों में अब तक 61 लोगों की मौत हो चुकी है। जेएएसी ने रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि पाकिस्तानी सेना की फायरिंग में दो और जवान मारे गए। पीओके में पाकिस्तानी सेना की ओर से की जा रही कार्रवाई के बीच इलाके में तनाव बढ़ गया है। जेएएसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया, “मुजफ्फराबाद असेंबली में बैठा हर शासक इस हत्याकांड के लिए जिम्मेदार है, लोग याद रखेंगे कि हमारे इन नौजवानों के कातिल पाकिस्तानी सेना और मुजफ्फराबाद के शासक हैं।”

पाकिस्तानी सेना का कत्लेआम जारी

इसमें आगे कहा गया, “एक तरफ हम अपने जवान भाइयों की लाशें उठा रहे हैं; एक महीने पहले मारे गए लोगों के अवशेष अभी भी कस्टडी में रखे हैं और दूसरी तरफ हुक्मरान इस हत्याकांड को नजरअंदाज करके इसे चुनावी जश्न में बदल रहे हैं। हम इन कातिलों से मरने वालों के खून का बदला लेंगे।” इस बीच, यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (यूकेपीएनपी) ने दावा किया कि 7 जून से, पीओके में लाखों लोग लंबे समय से कम्युनिकेशन ब्लैकआउट, आने-जाने पर रोक, खाने, दवा और दूसरी जरूरी चीजों की कमी से प्रभावित हुए हैं। पाकिस्तानी अधिकारियों ने इलाके में लगातार अशांति के चलते ये कार्रवाई की है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कार्रवाई की मांग

यूकेपीएनपी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी आग्रह किया कि कब्जे वाले क्षेत्र में लगी नाकेबंदी को समाप्त कराने तथा लोगों, वस्तुओं और मानवीय सहायता की निर्बाध आवाजाही बहाल करने के लिए प्रयास किए जाएं। समूह ने पाकिस्तानी अधिकारियों से जेएएसी नेता शौकत नवाज मीर तथा हिरासत में लिए गए और लापता किए गए अन्य सभी लोगों को बिना किसी देरी के सक्षम और स्वतंत्र अदालतों के समक्ष पेश करने की मांग भी की।

पीओके विरोध प्रदर्शन के बारे में

  • पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में बुनियादी अधिकारों, आसमान छूती महंगाई और पाकिस्तानी सेना के दमन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है।
  • इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) कर रही है, जिसमें स्थानीय नेता, व्यापारी और आम लोग शामिल हैं।
  • यह विरोध प्रदर्शन जून 2026 से चल रहा है, जो मुख्य रूप से आर्थिक शोषण और बुनियादी सुविधाओं के अभाव के खिलाफ शुरू हुआ था।
  • इस विरोध प्रदर्शनों में पाकिस्तानी सुरक्षाबलों की फायरिंग में अब तक 61 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 200 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं।

एजेंसी की इनपुट के साथ।

प्रियेश मिश्र

लेखक के बारे मेंप्रियेश मिश्रप्रियेश मिश्र नवभारत टाइम्‍स ऑनलाइन में प्रिंसिपल डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर (Principal Digital Content Producer) के पद पर कार्यरत हैं। वे नवभारत टाइम्स की दुनिया (World) सेक्शन से जुड़े हैं। डिजिटल पत्रकारिता में उनका 10 साल का अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टिंग और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। प्रियेश मिश्र ने पत्रकारिता के करियर की शुरुआत दैनिक भास्कर से की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और अमर उजाला जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। प्रियेश मिश्र ने मार्च 2020 में नवभारत टाइम्‍स ऑनलाइन जॉइन किया था।

प्रियेश मिश्र के पास वैश्विक घटनाक्रम, युद्ध, सैन्य संघर्ष, राजनयिक तनाव, कूटनीति जैसे विषयों पर न्यूज कवरेज का व्यापक अनुभव है। उन्‍होंने पिछले 5 वर्षों में आर्मेनिया-अजरबैजान के युद्ध, रूस-यूक्रेन युद्ध, अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव 2020-2024, इजरायल-हमास गाजा युद्ध, ईरान-इजरायल संघर्ष, भारत-पाकिस्‍तान संघर्ष ऑपरेशन सिंदूर, तालिबान-पाकिस्‍तान संघर्ष, चीन-ताइवान विवाद, वेनेजुएला संकट जैसे वैश्विक घटनाक्रम का कवरेज किया है।

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