पाकिस्तान सरकार पीओके में 15 जुलाई को निकलने वाले मुजफ्फराबाद मार्च से पहले इलाके को छावनी में बदलने की योजना बनाई है। इसके लिए 4,000 और फ्रंटियर कॉर्प्स (FC) जवान और पाकिस्तान रेंजर्स के 5500 सैनिकों को तैनात किया जाएगा। पीओके में जारी विरोध प्रदर्शनों में अब तक 61 लोगों की मौतें हो चुकी हैं।

PoK में 61 प्रदर्शनकारियों की मौत
पीओके में जारी विरोध प्रदर्शनों में अब तक 61 लोगों की मौत हो चुकी है। जेएएसी ने रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि पाकिस्तानी सेना की फायरिंग में दो और जवान मारे गए। पीओके में पाकिस्तानी सेना की ओर से की जा रही कार्रवाई के बीच इलाके में तनाव बढ़ गया है। जेएएसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया, “मुजफ्फराबाद असेंबली में बैठा हर शासक इस हत्याकांड के लिए जिम्मेदार है, लोग याद रखेंगे कि हमारे इन नौजवानों के कातिल पाकिस्तानी सेना और मुजफ्फराबाद के शासक हैं।”
पाकिस्तानी सेना का कत्लेआम जारी
इसमें आगे कहा गया, “एक तरफ हम अपने जवान भाइयों की लाशें उठा रहे हैं; एक महीने पहले मारे गए लोगों के अवशेष अभी भी कस्टडी में रखे हैं और दूसरी तरफ हुक्मरान इस हत्याकांड को नजरअंदाज करके इसे चुनावी जश्न में बदल रहे हैं। हम इन कातिलों से मरने वालों के खून का बदला लेंगे।” इस बीच, यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (यूकेपीएनपी) ने दावा किया कि 7 जून से, पीओके में लाखों लोग लंबे समय से कम्युनिकेशन ब्लैकआउट, आने-जाने पर रोक, खाने, दवा और दूसरी जरूरी चीजों की कमी से प्रभावित हुए हैं। पाकिस्तानी अधिकारियों ने इलाके में लगातार अशांति के चलते ये कार्रवाई की है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कार्रवाई की मांग
यूकेपीएनपी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी आग्रह किया कि कब्जे वाले क्षेत्र में लगी नाकेबंदी को समाप्त कराने तथा लोगों, वस्तुओं और मानवीय सहायता की निर्बाध आवाजाही बहाल करने के लिए प्रयास किए जाएं। समूह ने पाकिस्तानी अधिकारियों से जेएएसी नेता शौकत नवाज मीर तथा हिरासत में लिए गए और लापता किए गए अन्य सभी लोगों को बिना किसी देरी के सक्षम और स्वतंत्र अदालतों के समक्ष पेश करने की मांग भी की।
पीओके विरोध प्रदर्शन के बारे में
- पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में बुनियादी अधिकारों, आसमान छूती महंगाई और पाकिस्तानी सेना के दमन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है।
- इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) कर रही है, जिसमें स्थानीय नेता, व्यापारी और आम लोग शामिल हैं।
- यह विरोध प्रदर्शन जून 2026 से चल रहा है, जो मुख्य रूप से आर्थिक शोषण और बुनियादी सुविधाओं के अभाव के खिलाफ शुरू हुआ था।
- इस विरोध प्रदर्शनों में पाकिस्तानी सुरक्षाबलों की फायरिंग में अब तक 61 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 200 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं।
एजेंसी की इनपुट के साथ।
