Hormuz Closed: होर्मुज बंद होने से शेयर बाजार में बड़ी गिरावट की आहट, रुपया भी नहीं बचेगा, एक्सपर्ट्स की बड़ी चेतावनी – iran us tension hormuz closed indian stock market may crash rupee can fall
ईरान ने फिर से होर्मुज बंद कर दिया है। इससे तेल का संकट फिर से पैदा हो सकता है। ऐसे में इसका असर भारतीय शेयर बाजार और रुपया पर पड़ सकता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक दोनों बड़ी गिरावट देखी जा सकती है।
शेयर बाजार में आ सकती है बड़ी गिरावट।
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। ईरान ने समंदर का वह मुख्य रास्ता ( होर्मुज जलडमरूमध्य ) बंद कर दिया है, जहां से दुनिया भर में तेल की सप्लाई होती है। इस फैसले से भारतीय शेयर बाजार पर बड़ा संकट आ सकता है। जानकारों का कहना है कि अगर यह विवाद लंबा चला, तो कच्चा तेल महंगा हो सकता है, रुपया कमजोर होगा और विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से अपना पैसा निकाल सकते हैं।
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब अमेरिका ने ईरान पर नए हवाई हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने तेल सप्लाई वाले इस समुद्री रास्ते को बंद कर दिया, जबकि अमेरिका इसे तुरंत खोलने की मांग कर रहा है। Russian Oil India: भारत के लिए सस्ता हुआ रूसी तेल, टैंकर किराए में बड़ी गिरावट, लेकिन होर्मुज तनाव बढ़ा सकता है मुश्किलें
बाजार पर क्या असर होगा?
भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल विदेशों से मंगाता है। अगर समुद्री रास्ता बंद होने से तेल की सप्लाई रुकी, तो देश में महंगाई बढ़ सकती है और कंपनियों का मुनाफा घट सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर कच्चे तेल की कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर गई, तो शेयर बाजार में भारी गिरावट आ सकती है। पिछले हफ्ते भी शेयर बाजार में सुस्ती देखी गई थी।
भारतीय शेयर बाजार में पिछले सप्ताह काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआत में बाजार में सकारात्मक माहौल था, लेकिन पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं, जिससे निवेशकों में डर का माहौल बन गया और बिकवाली बढ़ी।
विनोद नायर, रिसर्च प्रमुख, जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स
किन कंपनियों के शेयरों पर पड़ेगा असर?
तेल महंगा होने से पेट्रोल-डीजल बेचने वाली कंपनियों, हवाई जहाज कंपनियों (एविएशन), पेंट, केमिकल और टायर बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में गिरावट आ सकती है।
इस मंदी के माहौल में भी बैंकिंग, आईटी (IT), दवा (फार्मा) और रक्षा (डिफेंस) से जुड़ी कंपनियों के शेयर मजबूत रह सकते हैं।
शेयर बाजार के लिए आगे क्या हैं संकेत?
निफ्टी: जानकारों के मुताबिक, निफ्टी के लिए 23,800 से 24,000 का स्तर बहुत महत्वपूर्ण है। अगर बाजार इससे नीचे गिरा, तो गिरावट बढ़ सकती है। बाजार को दोबारा तेजी पकड़ने के लिए पहले 24,400 से 24,600 का स्तर पार करना होगा। बैंक निफ्टी: बैंकों के शेयर फिलहाल मजबूत हैं। अगर यह 58,800 के पार जाता है, तो इसमें बड़ी तेजी आ सकती है।
निफ्टी के लिए 23,800 से 24,000 का स्तर सबसे अहम सपोर्ट जोन है। अगर निफ्टी इस स्तर से नीचे फिसलता है, तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और इंडेक्स 23,650 तक पहुंच सकता है। ऊपर की ओर 24,400 से 24,600 का स्तर पहली बड़ी बाधा है। अगर निफ्टी इस दायरे को पार कर जाता है, तो बाजार की धारणा और मजबूत हो सकती है और इंडेक्स 25,000 के स्तर की ओर बढ़ सकता है।
अजीत मिश्रा, रिलिगेयर ब्रोकिंग
विदेशी निवेशकों का डर
इस महीने (जुलाई) विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में काफी पैसा लगाया है। लेकिन जानकारों का कहना है कि अगर युद्ध जैसे हालात बने या तेल के दाम बढ़े, तो ये विदेशी निवेशक बाजार से अपना पैसा वापस निकाल सकते हैं, जिससे बाजार क्रैश हो सकता है। आने वाले दिनों में बाजार की चाल तेल की कीमतों और देश में आने वाले महंगाई के आंकड़ों पर निर्भर करेगी।
लेखक के बारे मेंराजेश भारतीराजेश भारती, नवभारत टाइम्स (डिजिटल) में असिस्टेंट न्यूज एडिटर हैं। वह जुलाई 2024 में टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के नवभारत टाइम्स, डिजिटल विंग से जुड़े। राजेश भारती NBT डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर कार्यरत हैं। वह कमोडिटी मार्केट, शेयर मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, क्रिप्टोकरेंसी पर मजबूत पकड़ रखते हैं। 16 साल से अधिक के पत्रकारिता करियर में सिटी रिपोर्टिंग, हेल्थ रिपोर्टिंग, बिजनेस-इन्वेस्टर समिट आदि कवर किए हैं।
राजेश भारती प्रिंट मीडिया और डिजिटल मीडिया में ग्राउंड रिपोर्टिंग के साथ डेस्क पर भी अलग-अलग भूमिकाओं में काम करते आए हैं। राजेश भारती को प्रिंट मीडिया में काम करने का 12 साल से ज्यादा का अनुभव है। वह न केवल अपनी लेखनी, बल्कि वीडियो के माध्यम से भी नवभारत टाइम्स के चाहने वालों तक पहुंच रखते हैं। सोना-चांदी की कीमतों को लेकर नवभारत टाइम्स के लिए कमोडिटी एक्सपर्ट के रूप में भूमिका निभाते हैं। उनका काम केवल न्यूज ब्रेक या किसी न्यूज को कवर करना ही नहीं, बल्कि रिसर्च के माध्यम से उनमें नई जानकारी देना भी है।
पत्रकारिता अनुभव
राजेश भारती का पत्रकारिता करियर हिंदी के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय अखबार दैनिक भास्कर, भोपाल में अगस्त 2009 में शुरू हुआ। भोपाल के बाद वह दैनिक भास्कर में ही उप-संपादक के रूप में इंदौर में दिसंबर 2011 तक रहे। इसके बाद वह इंदौर में ही दिसंबर 2011 से दिसंबर 2013 तक दबंग दुनिया अखबार में इंटरनेशनल डेस्क पर रहे। इंदौर में पत्रकारिता के दौरान राजेश भारती ने साल 2012 में ‘मध्यप्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’ के लिए विशेष रिपोर्टिंग की। दिसंबर 2013 से राजेश भारती ने दैनिक भास्कर डिजिटल (DB Digital) के साथ नई पारी शुरू की। बाद में वह फिर से प्रिंट पत्रकारिता में लौटे और औरंगाबाद (महाराष्ट्र) में लोकमत अखबार से नई पारी शुरू की।
साल 2017 में वह फिर से दैनिक भास्कर (दिल्ली) के साथ जुड़े और वहां सिटी रिपोर्टिंग के साथ डेस्क की भी जिम्मेदारी संभाली। करीब एक साल बाद टाइम्स ग्रुप के साथ शुरुआत की। 2018 में संडे नवभारत टाइम्स का हिस्सा बने। वहां पर्सनल फाइनेंस, इनकम टैक्स, हेल्थ, टेक एंड गैजेट्स, एजुकेशन आदि विषयों पर रिसर्च बेस्ड स्टोरी कीं। इस दौरान देश के कई बड़े-बड़े एक्सपर्ट से बातें कीं और उनके व्यू स्टोरी में रखे, जिससे स्टोरी में नयापन आया। अब वह जुलाई 2024 से नवभारत टाइम्स, डिजिटल का हिस्सा हैं।
राजेश भारती ने एनआरईसी कॉलेज (चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी), खुर्जा से साइंस (फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स) से ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया।
अवॉर्ड/अचीवमेंट्स
बेस्ट रिपोर्टिंग अवॉर्ड: साल 2012 में ‘मध्यप्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’ के लिए।… और पढ़ें