लाखों कमाने वाले PSC चेयरमैन की बेटी ने खुद को दिखाया गरीब, फिर हड़पी नौकरी
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KPSC Chairman Daughter FIR: कर्नाटक लोक सेवा आयोग के चेयरमैन शिवशंकरप्पा की बेटी सुमा एस. साहूकर के खिलाफ फर्जी आय प्रमाण पत्र जमा कर सरकारी नौकरी हासिल करने के आरोप में FIR दर्ज की गई है. सुमा ने जूनियर इंजीनियर पद पर भर्ती के लिए परिवार की सालाना आय महज 40,000 रुपये दिखाकर 3B श्रेणी का आरक्षण लिया जबकि उनके पिता की मासिक सैलरी 2.25 लाख रुपये से अधिक है.
पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है.
कहते हैं कि जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो कानून की साख पर बट्टा लगना लाजमी है. ऐसा ही एक बेहद चौंकाने वाला और शर्मनाक मामला कर्नाटक से सामने आया है जिसने पूरे प्रशासनिक महकमे को हैरान कर दिया है. जिस लोक सेवा आयोग (KPSC) का काम राज्य में ईमानदारी से सरकारी नौकरियां बांटना है उसी के सर्वोच्च पद पर बैठे चेयरमैन की बेटी ने सरकारी पद हथियाने के लिए एक ऐसा खेल खेला जो अब भारी पड़ चुका है. लाखों रुपये महीने की सैलरी पाने वाले पिता की बेटी ने कागजों पर खुद को गरीब दिखा दिया ताकि आरक्षण का फायदा उठाकर जूनियर इंजीनियर की कुर्सी हासिल की जा सके. इस बड़ी धोखाधड़ी का पर्दाफाश होने के बाद अब पुलिस की एफआईआर ने इस रसूखदार परिवार की नींद उड़ा दी है. अब राज्य में पिता को भी पद से हटाने की मांग तेज हो गई है.
सालाना आय दिखाई 40 हजार
यह पूरा मामला मार्च 2024 में उद्योग और वाणिज्य विभाग में जूनियर इंजीनियर (सिविल) के पद के लिए केपीएससी द्वारा आयोजित की गई भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा है. आरोपी सुमा एस. साहूकर ने इस परीक्षा में पास होने और आरक्षण का लाभ लेने के लिए एक आय प्रमाण पत्र जमा किया था जिसमें दावा किया गया था कि उनके परिवार की कुल वार्षिक आय केवल 40,000 रुपये है. इस सर्टिफिकेट के आधार पर उन्हें 3B कैटेगरी के तहत आरक्षण का लाभ भी मिल गया और उनका चयन हो गया. जब केपीएससी (KPSC) ने दस्तावेजों की गहनता से आंतरिक जांच की तो पता चला कि सुमा के पिता शिवशंकरप्पा एस. साहूकर तो 3 सितंबर 2019 से ही केपीएससी के सदस्य के रूप में कार्यरत थे और उस समय उनका मासिक मूल वेतन लगभग 2.05 लाख रुपये था. इतना ही नहीं, 5 अप्रैल 2021 को वे केपीएससी के चेयरमैन अध्यक्ष बन गए जिसके बाद उन्हें भत्तों के अलावा लगभग 2.25 लाख रुपये प्रति माह बेसिक सैलरी मिल रही थी.
BNS की धाराओं में केस दर्ज
आयोग ने साफ तौर पर माना कि मौजूदा सरकारी नियमों के तहत इस परिवार की वास्तविक आय 3B आरक्षण श्रेणी के लिए तय की गई सीमा से कई गुना ज्यादा है. पद पर रहते हुए इस तरह की जालसाजी को एक गंभीर अपराध मानते हुए शिकायत दर्ज कराई गई. विधान सौधा पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी सुमा एस. साहूकर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 336(2), 336(3) और 340(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है.
दस्तावेजों की एफएसएल जांच
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मामले की गंभीरता को देखते हुए जमा किए गए सभी दस्तावेजों की फोरेंसिक और प्रशासनिक स्तर पर जांच की जा रही है. भर्ती से जुड़ी परिस्थितियों और फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने वाले अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होगी. पुलिस ने साफ किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे, जिसने अब कर्नाटक की सियासत और ब्यूरोक्रेसी में भूचाल ला दिया है.
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डिजिटल पत्रकारिता में खबरों की गहरी समझ रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. 16 वर्षों से सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में इन्होंने अपनी कलम से जटिल विषयों को …और पढ़ें