लॉर्ड्स टेस्ट के तीसरे दिन भारतीय महिला टीम ने इंग्लैंड पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। यास्तिका भाटिया के ऐतिहासिक 113 रनों और रिचा घोष के नाबाद अर्धशतक की बदौलत भारत ने दूसरी पारी 341/7 पर घोषित कर इंग्लैंड को 457 रनों का लक्ष्य दिया। जवाब में उतरी इंग्लैंड की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने पूरी तरह बिखर गई और 130 रनों पर अपने 6 विकेट खो चुकी है।

यास्तिका भाटिया का ऐतिहासिक शतक
तीसरे दिन भारत ने अपनी दूसरी पारी को आगे बढ़ाया। हालांकि इंग्लैंड ने सुबह के सत्र में अच्छी गेंदबाजी की। तेज गेंदबाज लॉरेन बेल ने अच्छी बल्लेबाजी कर रहीं स्मृति मंधाना और जेमिमा रोड्रिग्स को जल्दी आउट कर भारत को झटके दिए। इसके बाद सोफी एक्लेस्टोन ने कप्तान हरमनप्रीत कौर को lbw आउट कर इंग्लैंड की मैच में वापसी कराने की कोशिश की। इंग्लैंड की स्पिनर सोफी एक्लेस्टोन ने जुझारू गेंदबाजी करते हुए टेस्ट क्रिकेट में चौथी बार 5 विकेट चटकाने का कारनामा भी किया। लेकिन दूसरे छोर पर यास्तिका भाटिया पूरी तरह अडिग रहीं। इस बाएं हाथ की बल्लेबाज ने कमाल का धैर्य दिखाते हुए 113 रनों की यादगार पारी खेली। वे लॉर्ड्स के मैदान पर टेस्ट शतक जड़ने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर बनीं। उनकी 158 गेंदों की यह पारी किसी भी भारतीय महिला बल्लेबाज द्वारा टेस्ट की तीसरी या चौथी पारी में बनाया गया सर्वोच्च स्कोर भी बन गया है।
रिचा घोष की आतिशी फिफ्टी और हरमनप्रीत की घोषणा
यास्तिका के आउट होने के बाद विकेटकीपर-बल्लेबाज रिचा घोष ने मैदान पर आते ही रनों की गति को तेज कर दिया। रिचा ने इंग्लिश गेंदबाजों पर जवाबी हमला बोलते हुए महज 52 गेंदों पर ताबड़तोड़ 50 रनों की नाबाद पारी खेली। भारत की बढ़त को 450 रनों के पार ले जाने के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने दूसरी पारी 341/7 के स्कोर पर घोषित कर दी और इंग्लैंड के सामने 457 रनों का पहाड़ जैसा लक्ष्य रखा। विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। अपना पहला मैच खेल रहीं क्रांति गौड़ और सायली सतघरे ने नई गेंद से घातक स्पैल फेंका। इन दोनों ने शुरुआती 4 ओवरों के भीतर ही इंग्लैंड की दोनों ओपनर्स, टैमी ब्यूमोंट और माया बुशियर को पवेलियन भेज दिया। इसके बाद अपना आखिरी टेस्ट खेल रही पूर्व कप्तान हीथर नाइट को भी क्रांति गौड़ ने अपना शिकार बनाया। जब नाइट आउट होकर मैदान से बाहर जा रही थीं, तब भारतीय टीम ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया। जल्द ही स्नेह राणा ने नैट साइवर-ब्रंट को एक खूबसूरत गेंद पर बोल्ड किया, तो वहीं सायली ने एलिस कैप्सी का डिफेंस भेदकर इंग्लैंड का स्कोर 59 रन पर 5 विकेट कर दिया।
एमी जोन्स और मैडी विलियर्स का जुझारू संघर्ष
जब ऐसा लग रहा था कि भारतीय टीम तीसरे दिन की शाम को ही मैच खत्म कर देगी, तभी एमी जोन्स और मैडी विलियर्स ने मोर्चा संभाल लिया। दोनों ने छठे विकेट के लिए 67 रनों की बेहद जुझारू और संघर्षपूर्ण साझेदारी करके भारतीय गेंदबाजों को कुछ समय के लिए तरसाया। इस खतरनाक होती जोड़ी को तोड़ने का काम स्नेह राणा और रिचा घोष ने मिलकर किया। स्नेह राणा की गेंद पर सिली पॉइंट पर मुस्तैद रिचा घोष ने एक बेहद ही शानदार और हैरतअंगेज कैच पकड़कर मैडी विलियर्स को पवेलियन का रास्ता दिखाया। हालांकि, दूसरे छोर पर एमी जोन्स डटी रहीं और उन्होंने अपना अर्धशतक पूरा किया। दिन का खेल खत्म होने तक इंग्लैंड ने 130 रनों पर अपने 6 विकेट गंवा दिए हैं और उसे जीत के लिए अब भी 327 रनों की दरकार है, जबकि भारत इतिहास रचने से सिर्फ 4 विकेट दूर है।
