भारत और नेपाल के बीच सुस्ता को लेकर तनाव बढ़ गया है। हाल ही में नेपाली सैन्य टीम ने इस इलाके का दौरा किया था, जिस पर BSF के जवानों ने उन्हें रोक लिया था। अब इस मामले में भारत ने नेपाली विदेश मंत्रालय से सवाल पूछा है।

गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद नेपाल की आर्म्ड पुलिस फोर्स (AFP) ने इलाके में तैनात जवानों की संख्या 25 से बढ़ाकर 40 कर दी है। इसके 3 दिन बाद 6 जुलाई को मेजर जनरल यम बहादुर अधिकारी के नेतृत्व में नेपाली सेना की एक टीम ने इलाके का दौरा किया। एक दिन पहले रविवार 12 जुलाई को AFP के अतिरिक्त महानिरीक्षक अंजनी पोखरेल भी यहां पहुंचे थे।
भारतीय जवानों ने रोका नेपाली परियोजना पर काम
सुस्ता में दोनों देशों के बीच तनाव की ताजा वजह एक तटबंध है, जिसका निर्माण नेपाल करा रहा है। छह सप्ताह पहले बॉर्डर की निगरानी करने वाले भारत के सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों ने इस परियोजना का निर्माण कार्य रोक दिया था।
नेपाली सैन्य अधिकारी के दौरे पर भारत सख्त
अब नेपाल की सेना और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के इलाके में आने को लेकर भारत ने सख्त आपत्ति जताई है। खास बात है कि नेपाली सेना के अधिकारी इस इलाके में वर्दी के बजाय सादे कपड़ों में पहुंचे थे। नई दिल्ली ने काठमांडू से इलाके में सुरक्षा बढ़ाने और अधिकारियों के दौरे पर सवाल पूछा है।
नेपाली विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी काठमांडू पोस्ट से बताया कि भारत ने विदेश मंत्रालय और नेपाली सेना से जनरल यम बहादुर अधिकारी के सुस्ता दौरे के मकसद के बारे में सवाल किए हैं। अधिकारी ने आगे कहा कि पूछे जाने पर नेपाली सेना ने बताया कि टीम ने मॉनसून और आपदा की तैयारियों का जायजा लेने के लिए इलाके का दौरा किया था। भारत को भी यही जवाब दिया गया है।
नेपाली टीम को BSF ने था रोका
नेपाल के स्थानीय सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि सुस्ता में आई नेपाली सेना की टीम से भारत सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने पूछताछ की थी। जिला सुरक्षा अधिकारी ने बताया, “भारतीय सुरक्षा बलों ने पूछा कि वे कौन हैं और उनका मकसद क्या है।” अधिकारी ने आगे कहा, “हमें भी इस बात की जानकारी नहीं थी कि कोई सैन्य टीम दौरा कर रही है। हमें तब पता चला जब जवानों का BSF के साथ आमना-सामना होने के बाद हमें सूचित किया गया।”
