Train Saloon Car Rudrabhishek: सुहागरात की सजावट के बाद अब पूजा-पाठ…चलती ट्रेन में सैलून कोच को लेकर रेलवे के क्या हैं नियम – train saloon car rudrabhishek by priest controversy erupted after suhaag raat decoration explained railways rules


Railways Rules: चलती ट्रेन के सैलून कोच में सुहागरात की सजावट के बाद अब रुद्राभिषेक कराने को लेकर विवाद हो रहा है। मामले में अब रेलवे ने सब साफ कर दिया है। जानते हैं कि इस मामले में रेलवे के नियम क्या हैं? क्या कोई चलती ट्रेन में पूजा-पाठ या कीर्तन, भजन जैसी चीजें कर सकता है।

Train saloon car Rudrabhishek
ट्रेन के सैलून कोच में रुद्राभिषेक
नई दिल्ली: चलती ट्रेन में ‘सुहागरात’ की सजावट को लेकर विवाद थमा नहीं था कि अब एक और विवाद खड़ा हो गया है। एक ट्रेन के सैलून कोच में पूजा-पाठ और रुद्राभिषेक कराया गया। इसे लेकर जब विवाद बढ़ा तो रेलवे ने इस पूरे मामले में सब कुछ साफ कर दिया है। जानते हैं कि सैलून कोच को लेकर रेलवे के नियम क्या हैं और सैलूून कोच क्या होता है, यह भी जानते हैं।

कहां चले जाते हैं नियम-कायदे, यूजर ने उठाए सवाल

सोशल मीडिया एक्स पर ‘सोशलिस्ट स्पिरिट’ नाम के ट्विटर हैंडल पर एक यूजर ने लिखा-ट्रेन में नमाज पढ़ने पर भावनाएं आहत हो जाती हैं…ट्रेन के केबिन में हनीमून का सरप्राइज देने पर संस्कृति खतरे में आ जाती है और TTE सस्पेंड हो जाता है…लेकिन जब भारतीय रेलवे के एक वीआईपी सैलून कोच (Saloon Coach) के अंदर बाकायदा पंडितों को बुलाकर चलती ट्रेन में पूरा तामझाम फैलाकर रुद्राभिषेक और पूजा-पाठ किया जाता है, तब सारे नियम-कायदे और सर्व समाज का विरोध कहां चला जाता है?

रेलवे ने इस मामले में क्या कहा-यह जान लीजिए

  • इस मामले में जब विवाद बढ़ा तो पश्चिम रेलवे ने यूजर को जवाब देते हुए लिखा-IRCTC ने 08 जुलाई, 2026 को सैलून कार बुक की थी। पार्टी ने कमर्शियल बुकिंग के तौर पर 3,08,580 रुपये का एडवांस पेमेंट किया था। इस सैलून कार को 10 जुलाई 2026 को नई दिल्ली (NDLS) से मुंबई (BDTS) की एकतरफा यात्रा के लिए ट्रेन नंबर 12926 पश्चिम एक्सप्रेस में जोड़ा जाना था।
  • NR ने ऑपरेशनल संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए 10 जुलाई, 2026 को सैलून के कमर्शियल रन का नोटिफिकेशन जारी किया था।
  • यात्रियों की समय-पाबंदी, सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने की मुख्य जिम्मेदारी बिना किसी समझौते के रेलवे की है। इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। पार्टी द्वारा बुक की गई सैलून कार में एक पुजारी अभिषेक करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

रेलवे ने सोशल मीडिया पर किए गए दावों को खारिज किया

  • रेलवे ने आगे कहा कि आधिकारिक रिकॉर्ड से साफ पता चलता है कि कोच एक प्राइवेट संस्था ने बुक किया था, न कि किसी सरकारी विभाग, दफ्तर या अथॉरिटी को अलॉट किया गया था।
  • बयान में कहा गया, ‘रेलवे रिकॉर्ड पुष्टि करते हैं कि यह एक प्राइवेट कमर्शियल बुकिंग थी। इसलिए, सोशल मीडिया पोस्ट में इसे किसी सरकारी दफ़्तर या अथॉरिटी को अलॉट किया गया सरकारी या VIP सैलून बताना तथ्यों के हिसाब से गलत है।’

रेलवे ने बता दिया, क्या हैं नियम

  • मिड डे की एक स्टोरी के अनुसार, रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशनल व्यवहार्यता और रेलवे नियमों के पालन के आधार पर IRCTC के जरिए कमर्शियल तौर पर सैलून कार किराए पर ली जा सकती हैं।
  • बुकिंग मंज़ूर होने के बाद किराए पर लेने वाले को कानूनी कामों के लिए सैलून कार इस्तेमाल करने की इजाजत होती है। हालांकि, शर्त यही होती है कि सभी सुरक्षा जरूरतों, ऑपरेशनल निर्देशों और लागू रेलवे नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।

रेलवे के नियमों में स्पष्ट मनाही नहीं

  • मीडिया रिपोर्टों में अगर आपने FTR (Full Tariff Rate) सेवा के तहत पूरा सैलून कोच निजी इस्तेमाल के लिए बुक किया है, तो आप अपनी आस्था के अनुसार अनुष्ठान कर सकते हैं।
  • सार्वजनिक सुरक्षा सर्वोपरि होना चाहिए। इसका मतलब यह है कि अनुष्ठान के दौरान ट्रेन की यात्रा में बाधा, सह-यात्रियों को असुविधा या रेलवे की सुरक्षा मानकों जैसे आग का खतरा या ज्वलनशील सामग्री के इस्तेमाल से कोई समझौता नहीं होना चाहिए
  • बुकिंग के समय किसी भी संभावित नुकसान या पेनल्टी की भरपाई के लिए एक रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट/रजिस्ट्रेशन चार्ज देना जरूरी होता है।

एसी कोच में सुहागरात जैसी सजावट पर विवाद

हाल ही में एक ट्रेन नंदीग्राम एक्सप्रेस के फर्स्‍ट क्‍लास एसी कूपे को ‘सुहागरात’ जैसी सजावट की गई थी। इस मामले में विवाद बढ़ा तो रेलवे ने संबंधित कर्मचारी टिकट चेकर को सस्पेंड कर दिया है। रेल मंत्रालय ने साफ तौर पर कहा है कि 6 जुलाई को ट्रेन नंबर 11002 (नंदीग्राम एक्सप्रेस) में यात्रा कर रहे जोड़े ने अपने फर्स्ट एसी कूपे को सजाने के लिए ऑनलाइन डेकोरेटर को निजी तौर पर हायर किया था। कोच में डेकोरेटर का प्रवेश अनधिकृत था। इसे एक गंभीर चूक माना गया था।

सैलून कोच में क्या क्या होती है सुविधा

  • IRCTC टूरिज्म के तहत बताया गया है कि हर सैलून में बेडरूम और अतिरिक्त लोगों को ठहराने के लिए 4 से 6 अतिरिक्त बर्थ/बेड होते हैं।
  • इसमें कहा गया है कि आपकी आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए एक एसी अटेंडेंट और एक जनरल अटेंडेंट उपलब्ध कराए जाएंगे।
  • यात्रा के दौरान ताजा खाना पकाने के लिए एक रसोईघर है। रसोईघर में आवश्यक बर्तन, गर्म पानी का सिंक, रेफ्रिजरेटर, आरओ शुद्ध पानी आदि सभी सुविधाएं मौजूद हैं। IRCTC आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त शुल्क पर रसोइया और खाना पकाने की सामग्री उपलब्ध कराएगी।

सैलून में नवविवाहित जोड़े पर पूर्ण गोपनीयता

भारतीय रेलवे IRCTC के सहयोग से शानदार सैलून कारों में मनचाहे गंतव्यों तक यात्रा का अनूठा अनुभव प्रदान करता है। सैलून कारें घर जैसी सुविधाएं प्रदान करती हैं, जिनमें एक विशाल बैठक, स्नानघर सहित दो शयनकक्ष और एक सुसज्जित रसोईघर शामिल हैं।
सैलून में यात्रा का अनुभव उन लोगों के लिए आदर्श विकल्प है जो अपने परिवार और प्रियजनों के साथ निजता और विशिष्टता चाहते हैं। सैलून नवविवाहित जोड़ों को पूर्ण गोपनीयता प्रदान करते हैं। यात्रा के दौरान बैठकें आयोजित करने के लिए भी सैलून एक आदर्श विकल्प हैं। साथ ही आरामदायक सोफे, मल्टी-चैनल टेलीविजन, और आराम करने और आरामदायक भोजन करने के लिए कुर्सियों के साथ एक विशाल वातानुकूलित लिविंग-कम-डाइनिंग रूम भी होता है।

दिनेश मिश्र

लेखक के बारे मेंदिनेश मिश्रदिनेश मिश्र, नवभारत टाइम्स (डिजिटल) में असिस्टेंट एडिटर और एक्सप्लेनर एक्सपर्ट हैं। वे अप्रैल-2024 में टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के नवभारत टाइम्स, डिजिटल विंग से जुड़े। दिनेश मिश्र NBT डिजिटल में एक्सप्लेनर और स्पेशल स्टोरीज की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। ये एक्सप्लेनर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय, बिजनेस और एंटरटेनमेंट समेत किसी भी कैटेगरी की खबरों से जुडे होते हैं, जिसमें दिनेश मिश्र रणनीतिक रूप से डीप डाइव, रिसर्च, वैल्यु एड, एक्सपर्ट कमेंट्स जैसी जरूरी बातें शामिल होती हैं। इन एक्सप्लेनर को लेकर वीडियो भी करते हैं। साथ ही NBT डिजिटल के स्थायी कॉलम मंडे मोटिवेशन, ट्यूजडे ट्रीविया और वेडनेसडे बिग टिकट के लिए डीप डाइव रोचक स्टोरी भी लिखते हैं। वह हर एक्सप्लेनर स्टोरी में सटीक संपादन के साथ-साथ रियल टाइम का ध्यान रखते हैं। इसके अलावा, वे गूगल ट्रेंड से जुड़ी स्टोरीज भी करते आए हैं, जो अहम टास्क है।

दिनेश मिश्र ने प्रयागराज महाकुंभ की ग्राउंड कवरेज की है। साथ ही 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान खबरों को डेस्क और ग्राउंड दोनों से कवर किया है। 2025 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ स्टेट असेंबली इलेक्शंस (हालिया महाराष्ट्र और बिहार चुनाव) के दौरान भी डेस्क से ओपिनियन पीस लिखने के साथ-साथ रियल टाइम एक्सप्लेनर भी किए। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों के खिलाफ एनबीटी फैक्ट चेक भी करते रहे हैं।

दिनेश मिश्र अपने करीब 16 साल के कॅरियर के दौरान प्रिंट मीडिया और डिजिटल मीडिया में डेस्क, ग्राउंड रिपोर्टिंग और इंटरव्यू करने के साथ अलग-अलग भूमिकाओं में काम करते आए हैं। हिंदी और गीत-संगीत में दखल रखने वाले दिनेश मिश्र ने कई किताबों की समीक्षा भी की। दिनेश मिश्र ने जाने-माने गीतकार गुलजार और गोपालदास नीरज का इंटरव्यू किया, हिंदी के महान कवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला के अनुभवों को लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की। दिनेश मिश्र ने शोले के निर्माता-निर्देशक रमेश सिप्पी का इंटरव्यू भी किया। वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैयर का इमरजेंसी के अनुभव पर इंटरव्यू किए और 1996 से लेकर 2001 तक अमेरिका में भारत के राजदूत रहे नरेश चंद्रा का भी इंटरव्यू किया है। इसके अलावा, हिंदी के बड़े लेखक गिरिराज किशोर और विश्वनाथ त्रिपाठी का इंटरव्यू भी किए।

नेशनल-इंटरनेशनल, बिजनेस और एंटरटेनमेंट की खबरों को लेकर मीडिया और सोशल मीडिया पर नजर रहती है। पहली प्राथमिकता है किसी भी खबर की सच्चाई के साथ विश्लेषण करना। इसके बाद उसका असर कहां और कितना पड़ेगा, इसे लेकर भी अवेयर रहते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव
दिनेश मिश्र का पत्रकारिता का कॅरियर हिंदी के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय अखबार दैनिक जागरण, नोएडा के सेंट्रल डेस्क के साथ साल 2010 में शुरू हुआ। इसके बाद से यह सफर 2013 में अमर उजाला, नोएडा से होता हुआ 2016 में राजस्थान पत्रिका के नेशनल इंटीग्रेटेड कंटेंट स्टेशन, नोएडा तक पहुंचा, जहां अखबार के साथ-साथ डिजिटल, टीवी और तीनों ही प्लेटफॉर्म पर एकसाथ काम किए। इसके बाद दिनेश मिश्र ने फिर 2019 में अमर उजाला में लौटे, जहां से 2021 में दैनिक भास्कर के डीबी डिजिटल में काम किया और एक्सप्लेनर और डीप डाइव-रिसर्च और स्पेशल स्टोरीज की बारीकियां सीखीं। इसके बाद अप्रैल, 2024 में दिनेश मिश्र देश के प्रतिष्ठित मीडिया समूह टाइम्स ऑफ इंडिया के नवभारत टाइम्स से जुड़े।

दिनेश मिश्र ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी, हरियाणा से पत्रकारिता से एमए किया। उससे पहले महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। उससे भी पहले वो समाज शास्त्र से भी एमए कर चुके हैं। दिनेश मिश्र ने संघ लोक सेवा आयोग की प्रतिष्ठित सिविल सेवा की मुख्य परीक्षा भी दी है और उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन की कई परीक्षाएं भी दीं। इसके अलावा, मिनिस्ट्री ऑफ सोशल जस्टिस एंड एमपावरमेंट के एक रिसर्च प्रोग्राम 6 महीने का सर्टिफिकेट कोर्स इन जेरियाट्रिक केयर भी किया है।… और पढ़ें