ईरान के मारे गए सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई के जनाजे में एक नकाबपोश शख्स शामिल हुआ था। वह खामेनेई का बड़ा पोता जवाद खामेनेई था। अमेरिका के हमले में उसका चेहरा जल गया है।
ईरान के मारे गए सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई के जनाजे में शामिल एक नकाबपोश ने खूब सुर्खियां बटोरीं। कई लोगों का कहना था कि आयतुल्लाह के बेटे और ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ही नकाब पहनकर जनाजे में आए थे। हालांकि इस रहस्य से पर्दा उठ गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि आयतुल्ला का सबसे बड़ा पोता मोहम्मद जवाद खामेनेई मास्क पहनकर जनाजे में शामिल हुआ था।
बता दें कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। उनका अंतिम संस्कार 9 जुलाई को किया गया है। इस मौके पर एक शख्स काले मास्क में दिखाई दिया था। उसने बेसबॉल कैप लगा रखी थी। दरअसल मोजतबा खामेनेई ने सुरक्षा कारणों से इस पूरे कार्यक्रम से दूरी बना रखी थी। लेकिन जब किसी नकाबपोश को देखा गया तो कयास लगने लगे कि हो सकता है कि मोजतबा ही अपने पिता के जनाजे में अंतिम विदाई देने शामिल हुए हों।
कौन है मोहम्मद जवाद खामेनेई
मोहम्मद जवाद खामेनेई आयतुल्ला खामेनेई के बेटे मोसतफा खामेनेई के बड़ा बेटा है। 28 फरवरी को हुए अमेरिका और इजरायल के हमले में उन्हें गंभीर चोट आई थी और चेहरा जल गया था। चेहरे पर चोट की वजह से ही वह मास्क लगाकर जनाजे में शामिल हुए थे। रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि मोजतबा खामेनेई भी इस हमले में बुरी तरह घायल हुए हैं और उनके चेहरे पर चोट आई है। मोजतबा भी हमले के वक्त आयतुल्ला केसाथ ही थे। हालांकि वह घर के दूसरे कमरे में थे और इसलिए उनकी जान बच गई।
कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि मोजतबा के हाथ और पैर में ज्यादा चोट आई है और इसलिए वह अस्पताल में हैं। हमले के बाद से ही मोजतबा सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। वह अपने लिखित पत्रों के जरिए ही ईरान के सैन्य अधिकारियों और मौलानाओं से संपर्क साधते हैं। बता दें कि आयतुल्ला अली खामेनेई को 6 दिनों तक अंतिम विदाई दी गई और इसके बाद दफान दिया गया। ईरानी मीडिया का दावा है कि उनके जनाजे में 4.3 करोड़ लोग शामिल हुए थे।
मोजतबा ने खाई बदले की कसम
मोजतबा खामेनेई ने अपने पिता आयतुल्लाह अली खामेनेई और हालिया दो युद्धों में मारे गये अन्य लोगों की हत्या का बदला लेने का संकल्प लिया है। खामेनेई ने शनिवार को जारी संदेश में कहा, “हम अपराधी और कलंकित हत्यारों से आपके पवित्र खून और इन दो युद्धों के सभी शहीदों के खून का बदला लेने की शपथ लेते हैं। यह बदला हमारे राष्ट्र की मांग है और यह हर हाल में होकर रहेगा।”उन्होंने कहा कि वह या अन्य अधिकारी पद पर रहें या न रहें, बदला जरूर लिया जायेगा।