30.43 अरब डॉलर पहुंचा व्यापार घाटा बढ़कर, इसमें कच्चे तेल की भूमिका प्रमुख रही
नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। कई तरह की वैश्विक चुनौतियों के बावजूद जून में भारत के निर्यात में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई। जून में देश का वस्तु निर्यात सालाना आधार पर 15.5 फीसदी बढ़कर 40.41 अरब डॉलर रहा। खास बात यह है कि कई प्रमुख देशों में भारत का निर्यात बढ़ा है। सोमवार को जारी वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, जून में देश का कुल निर्यात (वस्तु और सेवाएं) 9.48 फीसदी बढ़कर 73.45 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल इसी महीने 67.09 अरब डॉलर था। वहीं, कुल आयात 26.84% बढ़कर 88.76 अरब डॉलर हो गया। चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में निर्यात 15.92 प्रतिशत बढ़कर 129.32 अरब डॉलर रहा, जबकि आयात 19.89 प्रतिशत बढ़कर 216.18 अरब डॉलर हो गया। वाणिज्य सचिव ने कहा कि पश्चिम एशियाई देशों के साथ भारत का व्यापार भी मजबूत रहा। जून में इन देशों को भारत का निर्यात 7.29 प्रतिशत बढ़कर 5 अरब डॉलर हो गया。
वस्तुओं का निर्यात
वहीं, अकेले वस्तुओं की श्रेणी में बात की जाए तो निर्यात 34.98 अरब डॉलर से बढ़कर 40.41 अरब डॉलर हो गया, जिसमें कुल 15.52 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस अवधि में आयात भी 30.99 प्रतिशत बढ़कर 70.84 अरब डॉलर पहुंच गया, जो बीते वित्तीय वर्ष की समान अवधि में 54.08 अरब डॉलर रहा था। इस तरह से वस्तुओं के आयात और निर्यात के बीच अंतर (व्यापार घाटा) 30.43 अरब डॉलर का रहा है। जबकि जून 2025 में 19.1 अरब डॉलर का रहा था।
निर्यात में वृद्धि के प्रमुख देश
यहां अधिक पहुंच
भारत ने इस अवधि के दौरान यूएई, नीदरलैंड, ब्रिटेन, जर्मनी, द. अफ्रीका, बांग्लादेश, तंजानिया, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, श्रीलंका, इटली और वियतनाम को भी निर्यात में भी वृद्धि दर्ज की है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स, लौह अयस्क, हस्तशिल्प, मांस और डेयरी उत्पादों जैसे क्षेत्रों में निर्यात में अच्छी वृद्धि है। उन्होंने यह भी कहा कि नए व्यापार समझौतों का भी असर दिखा है, जिससे भारत के लिए नए दरवाजे खुले हैं।
सेवा क्षेत्र का प्रदर्शन
जून में सेवा क्षेत्र का निर्यात भी बढ़ा। यह 32.11 अरब डॉलर से बढ़कर 33.03 अरब डॉलर हो गया, यानी करीब 2.9 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, सेवा क्षेत्र का आयात 12.7 फीसदी बढ़कर 17.92 अरब डॉलर रहा। पिछले साल यह 15.90 अरब डॉलर पर था।
व्यापार घाटा
हालांकि, इस दौरान व्यापार घाटा बढ़कर पांच महीने के उच्च स्तर 30.43 अरब डॉलर पर पहुंच गया। जून 2025 में यह 19.1 अरब डॉलर था। व्यापार घाटा चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान 86.86 अरब डॉलर रहा, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 68.75 अरब डॉलर था। मुख्य रूप से कच्चे तेल के दाम में तेजी से व्यापार घाटा बढ़ा है। इसके साथ ही सोने का आयात पहली तिमाही में बढ़कर 11.01 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल 7.49 अरब डॉलर था।
पहली तिमाही में निर्यात होने वाले प्रमुख सामान
वस्तु अप्रैल-जून 2025-26 अप्रैल-जून 2026-27
इंजीनियरिंग सामान 28.91 34.14
पेट्रोलियम उत्पाद 17.03 23.02
इलेक्ट्रॉनिक सामान 12.40 15.20
दवाइयाँ एवं औषधि 7.58 8.10
कार्बनिक एवं अकार्बनिक रसायन 6.98 7.90
पहली तिमाही में निर्यात श्रेणी में प्रमुख देश
देश अप्रैल-जून 2025-26 अप्रैल-जून 2026-27
अमेरिका 25.48 25.47
सिंगापुर 3.24 6.52
दक्षिण अफ्रीका 1.78 3.15
जर्मनी 2.77 3.11
तंजानिया 1.18 2.91
(आंकड़े अरब डॉलर में)
सामान्य प्रश्न
✦भारत के निर्यात में जून में कितनी बढ़ोतरी हुई?−
जून में भारत के निर्यात में 15.5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।
✦जून में भारतीय निर्यात का कुल मूल्य क्या था?+
✦व्यापार घाटा जून में कितने डॉलर पर पहुंच गया?+
✦सेवा क्षेत्र का निर्यात जून में कितना बढ़ा?+