‘गौतम गंभीर अकेले कसूरवार नहीं…’, पूर्व चीफ सेलेक्टर ने इंग्लैंड से टी20 सीरीज हार पर दिया चौंकाने वाला बयान


भारत की इंग्लैंड के हाथों टी20 सीरीज में 0-4 की हार ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. श्रेयस अय्यर की कप्तानी और कोच गौतम गंभीर की रणनीतियों को भी सवालों के घेरे में लिया गया है. इसी बीच टीम इंडिया के पूर्व चीफ सेलेक्टर एमएसके प्रसाद का कहना है कि हार के लिए केवल गौतम गंभीर को कसूरवार नहीं माना जाना चाहिए, क्योंकि टीम के कई मेन खिलाड़ी सीरीज के लुए उपलब्ध नहीं थे.

न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत में एमएसके प्रसाद ने कहा कि टीम का अच्छा या बुरा प्रदर्शन कई पहलुओं पर निर्भर करता है. दरअसल इस सीरीज में जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या नहीं खेल रहे थे. पांड्या चोट के चलते इंग्लैंड सीरीज से बाहर हो गए थे, वहीं जसप्रीत बुमराह को टी20 सीरीज से आराम दिया गया था, लेकिन वो वनडे सीरीज में वापसी करेंगे.

अकेले गंभीर कसूरवार नहीं

एमएसके प्रसाद 2016-2020 तक भारतीय मेंस टीम के चीफ सेलेक्टर रहे. उन्होंने कहा, “टीम ने अच्छा नहीं किया तो इसका मतलब यह नहीं कि सिर्फ कोच को जिम्मेदार ठहराया जाए. हम यह नहीं कह सकते कि अकेले गंभीर की वजह से हारे हैं. दूसरी ओर हमने टूर्नामेंट और वर्ल्ड कप जीते हैं, तब भी हम यह नहीं कह सकते कि सिर्फ गंभीर की वजह से जीते. जीत-हार कई पहलुओं पर निर्भर करती है. गौतम गंभीर को अभी से खराब कोच मान लेना जल्दबाजी होगी.”

प्रसाद ने कहा कि जब गंभीर को अपनी पूरी टीम मिलेगी, तब बतौर कोच गंभीर का आकलन किया जाए तो सही होगा. उनके कहने का मतलब हार्दिक और बुमराह के रूप में सीनियर खिलाड़ियों की वापसी से है. 

जब सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टीम ने लगातार 16 टी20 सीरीज जीतकर रिकॉर्ड बनाया, तब भी कोच गौतम गंभीर ही थे. दूसरी ओर श्रेयस अय्यर डोमेस्टिक क्रिकेट और IPL में भी साबित कर चुके हैं कि वो एक बेहतरीन लीडर हैं. संभवतः आयरलैंड और इंग्लैंड टूर पर बढ़िया टीम कॉम्बिनेशन ना बन पाना टीम इंडिया की हार का एक बड़ा कारण हो सकता है.

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संजू सैमसन ही क्यों

एमएसके प्रसाद ने यह भी सवाल खड़ा किया कि सबसे पहले संजू सैमसन को ही ड्रॉप क्यों किया जाता है. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सैमसन को ड्रॉप करना ही सबसे बड़ी गलती थी. वो इंग्लैंड की कंडीशंस के लिए बेहतरीन खिलाड़ी हैं, वे हार्ड पिच और तेज बाउंस की परिस्थितियों में अच्छा खेलते हैं. वर्ल्ड कप में लगातार 3 अर्धशतक लगाकर आ रहे थे, लेकिन अचानक वे 2-3 मैचों में रन नहीं बना पाए तो उन्हें ड्रॉप कर दिया गया. 

दूसरी ओर उन्होंने कहा कि वैभव सूर्यवंशी के इंटरनेशनल डेब्यू के कारण प्लेइंग इलेवन का कॉम्बिनेशन बिगड़ गया था. प्रसाद ने कहा, “जिम्बाब्वे सीरीज उनके डेब्यू के लिए सही होती, क्योंकि आपको एक खिलाड़ी को धीरे-धीरे परिस्थितियों में ढालना होता है. खासतौर पर जब खिलाड़ी सिर्फ 15 साल का हो. उनके आने से प्लेइंग इलेवन में उथल-पुथल मैच गई थी और उन्हें खिलाना ही कप्तान और कोच के लिए बहुत दबाव भरा काम होगा.”

पूर्व चीफ सेलेक्टर के अनुसार वैभव सूर्यवंशी का डेब्यू करवाना ही था, तो उसके लिए आयरलैंड सीरीज बेहतर विकल्प थी. उन्हें आयरलैंड सीरीज में मौका ना देना बड़ी गलती थी.

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