राजस्थान में मॉनसून का पहला चरण कमजोर पड़ गया है। राज्य में अगले एक सप्ताह तक मॉनसून की गतिविधियां कमजोर रहने की संभावना है। इस दौरान प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, 14 जुलाई को देश के अधिकांश हिस्सों में मॉनसून सक्रिय रहेगा। मंगलवार को पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में सबसे अधिक वर्षा की संभावना है। बिहार में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। ओडिशा में भी भारी वर्षा का दौर जारी रहने का अनुमान है। पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी क्षेत्रों में तेज बारिश होगी। सिक्किम में कई स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। झारखंड में भी अनेक इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक देखने को मिल सकती है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में वर्षा का दौर जारी रहेगा। कुछ स्थानों पर भारी बारिश और बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।
उत्तर भारत में जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी। उत्तराखंड के कुछ इलाकों में भारी वर्षा संभव है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है। मध्य भारत में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ के कई हिस्सों में वर्षा की गतिविधियां बनी रहेंगी। पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। कई राज्यों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बिजली चमकने और आंधी आने की भी संभावना है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
यूपी में मॉनसून की सक्रियता कमजोर पड़ी
उत्तर प्रदेश में मॉनसून की सक्रियता कमजोर पड़ने से अगले तीन-चार दिनों तक अधिकांश हिस्सों में उमस भरी गर्मी बढ़ने के आसार हैं। बंगाल की खाड़ी से बना अवदाब पूर्वी उत्तर प्रदेश पहुंचने के बाद कमजोर हो गया है, जबकि मॉनसूनी द्रोणी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर खिसक गई है। इसके कारण प्रदेश में फिलहाल कोई प्रभावी मौसम तंत्र सक्रिय नहीं है और अधिकांश क्षेत्रों में केवल कहीं-कहीं हल्की या छिटपुट बारिश की संभावना है। मौसम गतिविधियां कम होने से अधिकतम और न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी। सोमवार को लखनऊ का अधिकतम तापमान 36.9 डिग्री और न्यूनतम 28.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बनने वाली नई मौसमी हलचल से आने वाले दिनों में बारिश फिर तेज हो सकती है।
गुजरात और महाराष्ट्र में कैसा है मौसम
पश्चिम और दक्षिण भारत में भी मॉनसून का असर बना रहेगा। गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में कहीं-कहीं बारिश होगी, हालांकि सबसे अधिक वर्षा कोंकण क्षेत्र में रहने की संभावना है। दक्षिण भारत में केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, तेलंगाना और लक्षद्वीप में हल्की से मध्यम वर्षा के साथ कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में भी बादल छाए रहने और कुछ इलाकों में वर्षा होने के आसार हैं। आईएमडी ने भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव, भूस्खलन और यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई है। इसे देखते हुए लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की गई है।
मॉनसून का पहला चरण कमजोर पड़ा
राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून का पहला चरण कमजोर पड़ गया है। राज्य में अगले एक सप्ताह तक मॉनसून की गतिविधियां कमजोर रहने की संभावना है। इस दौरान प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग के ज्यादातर क्षेत्रों में पूरे सप्ताह बारिश की गतिविधियां कम रहने की संभावना है। हालांकि, 14 और 15 जुलाई को कमजोर मौसम तंत्र के प्रभाव से बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू और आसपास के जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। पूर्वी राजस्थान में भी अगले पांच से छह दिनों तक मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। 14 से 15 जुलाई के बीच शेखावाटी क्षेत्र के अलावा जयपुर और भरतपुर संभाग के कुछ इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावना है।