पहलगाम आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी, NIA को मिली बड़ी कामयाबी


डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। पहलगाम आतंकी हमले की चल रही जांच के सिलसिले में एक विशेष एनआईए अदालत ने पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है।

यह आदेश एनआईए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ने 8 जुलाई को पारित किया। इससे दो दिन पहले ही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पहलगाम आतंकी हमले के मामले में सईद के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल किया था।

76 वर्षीय सईद को भारत और अमेरिका दोनों ने वैश्विक आतंकवादी घोषित कर रखा है। उसे 2008 के मुंबई आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड भी माना जाता है।

जम्मू की विशेष एनआईए अदालत में दाखिल पूरक आरोपपत्र में सईद पर व्यक्तिगत तौर पर और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) व उसके सहयोगी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) के प्रमुख के रूप में भी आरोप लगाए गए हैं। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।

गिरफ्तारी और पूछताछ जरूरी: एनआईए

कोर्ट के आदेश के मुताबिक, एनआईए ने अदालत को बताया कि फरार आतंकी हाफिज सईद, जो पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सरगोधा का रहने वाला है, पहलगाम आतंकी हमले में आरोपी है और जानबूझकर गिरफ्तारी से बच रहा है। एजेंसी ने उसके खिलाफ खुली तारीख वाला गैर-जमानती वारंट जारी करने की मांग की थी ताकि आगे की कार्रवाई शुरू की जा सके।

कोर्ट ने आदेश में कहा, ‘आरोपी की गिरफ्तारी और हिरासत में पूछताछ निष्पक्ष, पूर्ण और प्रभावी जांच के लिए जरूरी है। इसलिए उसके खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाता है और इसे कानून के अनुसार अमल के लिए डीआईजी, एनआईए जम्मू को भेजा जाता है।’

पिछले साल 22 अप्रैल को दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने 26 लोगों की हत्या कर दी थी। मरने वालों में ज्यादातर पर्यटक थे।



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