खेल : मेसी दागेंगे मिसाइल या केन का करिश्मा, International Hindi News


अटलांटा स्टेडियम में अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच विश्व कप का दूसरा सेमीफाइनल खेला जाएगा। दोनों टीमों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा और मेसी-कैन के समक्ष आने की संभावना पर सबकी नजर है। अर्जेंटीना विश्व चैंपियन बना रहना चाहता है, जबकि इंग्लैंड अजेय है।

अटलांटा स्टेडियम में आज खेला जाएगा विश्व कप का दूसरा सेमीफाइनल, अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच फिर जीवंत होगी पुरानी प्रतिद्वंद्विता मेसी दागेंगे मिसाइल या केन का करिश्मा

विश्व कप में आमने-सामने

मुकाबले का इतिहास

05 मैच दोनों ने आपसे में खेले

03 इंग्लैंड ने, दो अर्जेंटीना ने जीते

ओवरऑल रिकॉर्ड

14 मैच दोनों टीमों ने अब तक आपस में खेले

06 में इंग्लैंड, तीन में अर्जेंटीना जीता, पांच ड्रॉ रहे

अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा

24 साल से बदला लेने का इंतजार

अर्जेंटीना की टीम पिछली बार 2002 में विश्व कप के ग्रुप चरण में इंग्लैंड से भिड़ी थी जब उसे 0-1 से हार का सामना करना पड़ा था। उसके बाद से उसे हिसाब बराबर करने का इंतजार है। हालांकि उसके बाद भी एक मैत्री मुकाबले में दोनों टीमें आमने- सामने हुई थीं, तब भी अर्जेंटीना को 2-3 से हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि खेल के मैदान में आंकड़ों से ज्यादा उस वक्त और खिलाड़ियों के प्रदर्शन की अहमियत होती है।

अटलांटा, एजेंसी। मौजूदा विश्व चैंपियन फुटबॉल टीम अर्जेंटीना अपने लगातार दूसरे खिताब से बस दो जीत दूर है। विश्व रैंकिंग में दूसरे नंबर की लियोनेल मेसी की टीम दूसरे सेमीफाइनल में बुधवार रात चौथी रैंकिंग वाली हैरी केन की इंग्लैंड का सामना करेगी।

आंकड़ों के आईने में चैंपियन टीम हालांकि कमजोर नजर आ रही है लेकिन कप्तान मेसी की धमाकेदार फॉर्म को देखते हुए टीम पिछला हिसाब बराबर करके फाइनल का टिकट कटाने के लिए ऐड़ी-चोटी का जोर लगाने के लिए तैयार है। इस मुकाबले में सबकी नजर इस पर रहेगी कि इसमें लियोनेल मेसी के पांवों का जादू चलेगा या हैरी केन का करिश्मा।

खिलाड़ियों की प्रदर्शन

पहली बार आमने-सामने : मेसी ने अब तक मौजूदा टूर्नामेंट में आठ गोल करके अर्जेंटीना की जीत में अहम भूमिका निभाई है तो केन भी उनसे ज्यादा पीछे नहीं है जिन्होंने छह गोल दागे हैं। ये दोनों अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहली बार आमने-सामने होंगे क्योंकि दोनों टीम के बीच 2005 के बाद कोई मुकाबला नहीं हुआ है। केन को जूड बेलिंगहम (छह गोल) का भी अच्छा साथ मिला है।

इंग्लैंड की टीम के लिए जहां मेसी को रोकना एक चुनौती होगी, वहीं केन और बेलिंगहम के सामने अर्जेंटीना की रक्षापंक्ति की कड़ी परीक्षा होगी। बेलिंगहम बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हैं और अर्जेंटीना को उनसे सतर्क रहना होगा。

प्रतिस्पर्धा का तनाव

संघर्ष का भी इतिहास : दोनों देशों के बीच वर्षों की प्रतिद्वंद्विता को देखते हुए मैच में तनाव होने की भी संभावना है। 1966 विश्व कप में अर्जेंटीना के तत्कालीन कप्तान एंटोनियो रैटिन को बाहर भेजने का मामला हो या फुटबॉल के मैदान से इतर 1982 में फाकलैंड द्वीप समूह पर हुआ संघर्ष, इन दोनों देशों के बीच फुटबॉल के मैदान के अंदर और बाहर तनाव देखने को मिला है।

विश्व कप 1986 में डिएगो माराडोना के ‘हैंड ऑफ गॉड’ गोल को कैसे भुलाया जा सकता है। उनके उस गोल से अर्जेंटीना जीता था। 1998 में डेविड बेकहम को बाहर भेजे जाने और इसके चार साल बाद इस स्टार खिलाड़ी के फ्री किक पर किए गोल ने प्रतिद्वंद्विता को चरम पर पहुंचाया।

सेमीफाइनल में पहुँचने वाली टीमें

कोई मैच नहीं हारीं : दोनों टीमें अजेय रहकर सेमीफाइनल में पहुंची हैं। हालांकि अर्जेंटीना को पिछले मैचों में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा। ग्रुप चरण में तीनों मैच जीतने वाले अर्जेंटीना का केप वर्दे के खिलाफ मैच अतिरिक्त समय तक खिंचा। उसे मिस्र और स्विट्जरलैंड को हराने में भी संघर्ष करना पड़ा। अर्जेंटीना विश्व कप में 12 मैचों से अजेय है। अर्जेंटीना के सभी खिलाड़ी खेलने के लिए उपलब्ध हैं। कोच लियोनेल स्कालोनी के लिए यह तय करना आसान नहीं होगा कि मेसी के साथ जूलियन अल्वारेज को खिलाया जाए या लोटारो मार्टिनेज को।

इंग्लैंड ने भी ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल किया था। इंग्लैंड की राइट-बैक की समस्या बनी हुई है। एजरी कोंसा या जेड स्पेंस को अर्जेंटीना की तरफ से बाएं छोर से होने वाले आक्रमण के खिलाफ मोर्चा संभालना होगा। हालांकि डिफेंडर रीस जेम्स का कहना है कि वह पूरी तरह फिट हैं। उन्हें घाना के खिलाफ ग्रुप मैच में हैमस्ट्रिंग की चोट लगी थी। वह पनामा, कांगो और मैक्सिको के खिलाफ नहीं खेल पाए थे। पर नॉर्वे के खिलाफ रोमांचक क्वार्टर फाइनल में वह दूसरे हाफ में सब्स्टीट्यूट के तौर पर उतरे थे।

मिडफील्ड का महत्वपूर्ण मुकाबला

मिडफील्ड में होगी जोरदार भिड़ंत : मिडफील्ड में रोमांचक मुकाबला देखने को मिल सकता है। इंग्लैंड को अपना पूरा ध्यान मेसी पर लगाने से बचना होगा जो एंजो फर्नांडीज और एलेक्सिस मैक एलिस्टर के साथ मिलकर इंग्लैंड की रक्षा पंक्ति को भेदने और उनके आक्रामक डिफेंस के पीछे मौजूद खाली जगह का फायदा उठाने की कोशिश करेंगे। इंग्लैंड के कोच थॉमस ट्यूशेल की रणनीति रक्षात्मक चूक को कम करने को प्राथमिकता देनी होगी। डेक्लान राइस और कोबी मैनू की मेसी को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका होगी。

अर्जेंटीना के सामने एक बेहद कठिन मानसिक चुनौती है। आत्मविश्वास से भरी इंग्लैंड टीम को रोकना, जिसे अब तक अर्जेंटीना की तरह ही आखिर तक हार नहीं मानने का जज्बा दिखाया है। अर्जेंटीना का रक्षापंक्ति में दारोमदार क्रिस्टियन रोमेरो पर होगा।

किसी सवालों के जवाब

विश्व कप के दूसरे सेमीफाइनल में कौन-कौन सी टीमें खेल रही हैं?

विश्व कप के दूसरे सेमीफाइनल में अर्जेंटीना और इंग्लैंड की टीमें खेल रही हैं।

मेसी और केन के बीच कौन सी प्रतिस्पर्धा है?+



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