Sagar News: आपने स्प्राउट और जूस बेचने वाले तो कई देखे होंगे, लेकिन सागर के नेमीचंद जैन कुछ अलग हैं. नेमीचंद 18 साल से सरकारी नौकरियों की तैयारी करने वाले युवाओं को मात्र 10 रुपये में 12 तरह के जूस और मिक्स स्प्राउट खिला रहे हैं. इनके स्प्राउट खाने वाले लगभग 1000 से ज्यादा युवा अब तक सरकारी नौकरियों में जा चुके हैं. अब तो रनिंग, लंबी कूद, गोला फेंक जैसे फिजिकल करने वाले प्रतिभागी नेमीचंद के स्प्राउट जरूर कहते हैं.
कहते हैं कि इनके बनाए स्प्राउट्स खाने से शरीर फौलाद जैसा हो जाता है, दौड़ घोड़े जैसी हो जाती है. मेहनत करने के बाद शरीर के लिए जिम प्रोटीन की जरूरत होती है, वह 10 रुपए के स्प्राउट और जूस में मिल जाता है. नौकरी लगने के बाद हर युवा नेमीचंद जैन को धन्यवाद देने के लिए जरूर आता है. नेमीचंद जैन द्वारा अंकुरित अनाज के अलावा रोजाना करेला जूस, लौकी, चुकंदर, अनानास, अनार, गाजर, टमाटर, बेल, एलोवेरा, जवारे, लेमन ग्रास जूस तैयार किया जाता है.
आहार औषधि में डिग्री, विशेषज्ञ भी रह चुके
नेमीचंद जैन शास्त्री वार्ड के निवासी हैं. उनकी उम्र 56 साल है. वह 18 साल से स्प्राउट के साथ 12 तरह के जूस मात्र 10 रुपए में बेच रहे हैं. रोजाना सुबह 7:00 बजे से 10:00 तक मात्र 3 घंटे ही यह स्प्राउट और जूस बेचते हैं. नेमीचंद बताते हैं कि उन्होंने प्राकृतिक चिकित्सा की पढ़ाई की है. गोरखपुर से आहार औषधि में डिग्री की है. डिग्री के बाद वह 9 साल तक भाग्योदय अस्पताल में नेचुरोपैथी विशेषज्ञ के रूप में काम भी करते रहे. 1991 में इसकी शुरुआत की थी. उस समय ₹600 मिलते थे, जिस समय नौकरी छोड़ी उस समय 2800 सैलरी थी.
22 एकड़ जमीन, साइकिल से सफर
आगे बताया, नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने स्प्राउट और जूस बेचना शुरू किया था. इनकी 22 एकड़ जमीन है. यह जूस और स्प्राउट से संबंधित सभी चीज अपनी जमीन पर ही उगाते हैं, इसलिए पूरे शहर में सबसे सस्ते स्प्राउट और जूस ऐसे युवाओं के लिए उपलब्ध करते हैं, जो अग्निवीर, आर्मी, सीआईएफ, पुलिस कांस्टेबल, सब इंस्पेक्टर जैसी भर्ती की तैयारी कर रहे हैं. नेमीचंद बताते हैं कि वह रोजाना सुबह 5:00 बजे उठते हैं. 1 घंटे में 100 से 150 स्प्राउट के पैकेट तैयार करते हैं. जूस के लिए मशीन है. उसमे अलग-अलग तरह के जूस तैयार करके ले आते हैं. वह रोजाना साइकिल से आने जाने में 12 किलोमीटर का सफर करते हैं.
इसलिए नहीं बढ़ाया 18 साल से रेट
नेमीचंद कहते हैं कि शहर में यही स्प्राउट 25 और 30 रुपए में मिलता है. हमसे भी कई लोग कहते हैं कि अब इसके पैसे बढ़ा दीजिए, लेकिन मुझे पता है कि जो बच्चे गरीब हैं, वही यहां पर सुबह से मेहनत करने के लिए आ रहे हैं. उन पर किसी तरह का बोझ न पड़े और मात्र 10 रुपए में उनके लिए प्रोटीन मिल जाए, इसलिए हम पैसे नहीं बढ़ा रहे हैं. जो भी चीज हम लाते हैं, वह सब कुछ घर पर उगा रहे हैं, इसलिए हमें ज्यादा खर्च भी नहीं लगता है. हमारा भी काम हो रहा और इन बच्चों का भी काम हो रहा.
आर्मी और पुलिस वाले भी आते हैं…
बता दें, सागर के केंट छावनी परिषद क्षेत्र में कलेक्टर बंगला के सामने TA 108 का ग्राउंड है, जिसे गौर ग्राउंड के नाम से भी जाना जाता है. यहां पर शहर बाहर के लोग सुबह से वॉकिंग करने, घूमने पहुंचते हैं. इसके अलावा फिजिकल से संबंधित एकेडमी चलाने वाले कोच भी यहीं पर युवाओं को तैयारी करवाते हैं. रोजाना सुबह से सैकड़ो लोग यहां पर पहुंचते हैं. यह आर्मी क्षेत्र से भी लगा हुआ है. कैंट पुलिस थाना भी इसी रास्ते से जाना पड़ता है. ऐसे में युवाओं के अलावा आर्मी और पुलिस के लोग भी नेमीचंद जैन के स्प्राउट खाने और जूस पीने आते हैं.