PoK में प्रदर्शनकारियों ने आखिरी समय में रोका ‘लॉन्ग मार्च’, पाकिस्तान को 21 जुलाई तक का अल्टीमेटम, फिर होगी आर-पार की लड़ाई – pok jaac leaders pauses long march gave ultimatum to pakistan government


जॉइंट अवामी ऐक्शन कमेटी ने पाकिस्तान सरकार को चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें न पूरी की गईं तो 22 जुलाई से उनका मुजफ्फराबाद लॉन्ग मार्च फिर शुरू हो जाएगा। पीओके में पिछले एक महीने से ज्यादा समय से प्रदर्शन चल रहे हैं।

Pakistan PoK protest
पीओके में पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन चल रहे हैं
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के कब्जे वाली कश्मीर (PoK) में पाकिस्तान के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों की अगुवाई कर रहे नेताओं ने अपना ‘लॉन्ग मार्च’ रोक दिया है। यह फैसला आंदोलन की अगुवाई कर रही जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) और पाकिस्तान की सरकार में लंबी बातचीत के बाद किया गया है। इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को पूरा करने के लिए इस्लामाबाद को 21 जुलाई तक का अल्टीमेटम दिया है।

पाकिस्तान सरकार को दी चेतावनी

जॉइंट अवामी ऐक्शन कमेटी ने चेतावनी दी है कि अगर इस दौरान उनकी मांगे न पूरी की गईं तो 22 जुलाई से उनका मुजफ्फराबाद लॉन्ग मार्च फिर शुरू हो जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने साफ किया है कि सभी धरने पहले की तरह जारी रहेंगे और जन-आंदोलन भी चलता रहेगा।

वहीं, बुधवार को हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे और पाकिस्तानी सेना और पुलिस की बर्बरता के खिलाफ मार्च निकाला। इसके बाद पाकिस्तान की सरकार हरकत में आई और JAAC नेताओं के साथ बातचीत का दौर शुरू किया। रिपोर्टों से पता चलता है कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल रावलकोट पहुंचा और JAAC के नेताओं से बात की।

बिलावल भुट्टों ने डाला PoK में डेरा

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के चेयरमैन बिलावल भुट्टी जरदारी मुजफ्फराबाद में कई दिनों से जमे हुए हैं। इसके पहले जमीयत-ए-इस्लाम (F) के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने कहा था कि वे पाकिस्तान की सरकार और पीओके नेताओं के बीच बातचीत में मदद कर रहे हैं। उन्होंने JAAC नेताओं से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कुछ दिनों की मोहलत मांगी थी। पाकिस्तान के न्यूज चैनल समा टीवी ने बताया कि बिलावल ने PoK में संकट का समाधान निकालने के लिए सच्चाई और सुलह आयोग बनाने का प्रस्ताव दिया है।

पीओके में पाकिस्तानी सेना का दमन

पीओके में पिछले एक महीने से ज्यादा समय से पाकिस्तान के खिलाफ भारी विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। इस दौरान पाकिस्तानी सुरक्षाबलों की कार्रवाई में दर्जनों लोग मारे जा चुके हैं। मंगलवार को पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की दमन की कार्रवाई में 12 लोगों की मौत हो गई थी। इन कार्रवाइयों ने पीओके के लोगों को पाकिस्तान और पाकिस्तानी सेना के खिलाफ गुस्से से भर दिया है।

विवेक सिंह

लेखक के बारे मेंविवेक सिंहविवेक सिंह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में प्रिंसिपल डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। वे नवभारत टाइम्स के दुनिया (World) सेक्शन को कवर करते हैं। पत्रकारिता में उनका 12 वर्षों का अनुभव है, जिसमें उन्होंने डिजिटल, टीवी और वीडियो ऐप पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। विवेक सिंह मार्च 2023 में नवभारत टाइम्स, डिजिटल से जुड़े। इस दौरान उन्होंने इजरायल-हमास युद्ध, इजरायल-ईरान और इजरायल-हिजबुल्ला संघर्ष, भारत-पाकिस्तान सैन्य टकराव, अफगान तालिबान-पाकिस्तान तनाव और बांग्लादेश में शेख हसीना के खिलाफ छात्र विद्रोह जैसे वैश्विक घटनाक्रम का व्यापक कवरेज किया है।

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विवेक सिंह ने अमर उजाला डॉट कॉम के साथ साल 2013 में देहरादून से अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद हैदराबाद में न्यूज 18 यूपी/उत्तराखंड के साथ जुड़कर टीवी न्यूज की आउटपुट डेस्क में काम किया। बेंगलुरु में रहकर डिजिटल स्टार्टअप आवाज न्यूज वीडियो एप की फाउंडिंग टीम का हिस्सा बने और उसे लीड किया। इसके बाद वन इंडिया हिंदी, एबीपी न्यूज के साथ काम किया।… और पढ़ें