जॉइंट अवामी ऐक्शन कमेटी ने पाकिस्तान सरकार को चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें न पूरी की गईं तो 22 जुलाई से उनका मुजफ्फराबाद लॉन्ग मार्च फिर शुरू हो जाएगा। पीओके में पिछले एक महीने से ज्यादा समय से प्रदर्शन चल रहे हैं।

पाकिस्तान सरकार को दी चेतावनी
जॉइंट अवामी ऐक्शन कमेटी ने चेतावनी दी है कि अगर इस दौरान उनकी मांगे न पूरी की गईं तो 22 जुलाई से उनका मुजफ्फराबाद लॉन्ग मार्च फिर शुरू हो जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने साफ किया है कि सभी धरने पहले की तरह जारी रहेंगे और जन-आंदोलन भी चलता रहेगा।
वहीं, बुधवार को हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे और पाकिस्तानी सेना और पुलिस की बर्बरता के खिलाफ मार्च निकाला। इसके बाद पाकिस्तान की सरकार हरकत में आई और JAAC नेताओं के साथ बातचीत का दौर शुरू किया। रिपोर्टों से पता चलता है कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल रावलकोट पहुंचा और JAAC के नेताओं से बात की।
बिलावल भुट्टों ने डाला PoK में डेरा
पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के चेयरमैन बिलावल भुट्टी जरदारी मुजफ्फराबाद में कई दिनों से जमे हुए हैं। इसके पहले जमीयत-ए-इस्लाम (F) के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने कहा था कि वे पाकिस्तान की सरकार और पीओके नेताओं के बीच बातचीत में मदद कर रहे हैं। उन्होंने JAAC नेताओं से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कुछ दिनों की मोहलत मांगी थी। पाकिस्तान के न्यूज चैनल समा टीवी ने बताया कि बिलावल ने PoK में संकट का समाधान निकालने के लिए सच्चाई और सुलह आयोग बनाने का प्रस्ताव दिया है।
पीओके में पाकिस्तानी सेना का दमन
पीओके में पिछले एक महीने से ज्यादा समय से पाकिस्तान के खिलाफ भारी विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। इस दौरान पाकिस्तानी सुरक्षाबलों की कार्रवाई में दर्जनों लोग मारे जा चुके हैं। मंगलवार को पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की दमन की कार्रवाई में 12 लोगों की मौत हो गई थी। इन कार्रवाइयों ने पीओके के लोगों को पाकिस्तान और पाकिस्तानी सेना के खिलाफ गुस्से से भर दिया है।
