इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में अनुचित तरीके से बल्लेबाज की तरफ गेंद फेंकने के कारण भारतीय गेंदबाज गुरनूर ब्रार को आईसीसी ने आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी पाया है। ब्रार को आधिकारिक चेतावनी दी गई है और उनके खाते में 1 डिमेरिट अंक जोड़ा गया है।

8वें ओवर में बल्लेबाज की तरफ खतरनाक तरीके से फेंकी थी गेंद
यह घटना इंग्लैंड की पारी के 8वें ओवर के दौरान हुई, जब फील्डिंग कर रहे गुरनूर ब्रार ने गेंद को फील्ड करने के बाद अनुचित और खतरनाक तरीके से सीधे इंग्लिश बल्लेबाज की तरफ थ्रो कर दिया। मैदान पर मौजूद अंपायरों ने इसे आईसीसी आचार संहिता के नियम 2.9 का उल्लंघन माना। ऑन-फील्ड अंपायर कुमार धर्मसेना और माइक बर्न्स, तीसरे अंपायर सैम नोगाज्स्की और चौथे अंपायर रसेल वारेन ने मिलकर खिलाड़ी पर यह आरोप तय किए।
ब्रार ने मानी गलती
मैच रेफरी रिची रिचर्डसन द्वारा प्रस्तावित इस सजा और अपनी गलती को गुरनूर ब्रार ने बिना किसी आपत्ति के स्वीकार कर लिया है। ब्रार द्वारा अपराध स्वीकार किए जाने के बाद आईसीसी को इस मामले में कोई औपचारिक सुनवाई करने की आवश्यकता नहीं पड़ी। आईसीसी के नियमों के मुताबिक, लेवल-1 के उल्लंघन पर न्यूनतम सजा के तौर पर केवल फटकार लगाई जाती है, जबकि अधिकतम सजा के तौर पर खिलाड़ी की मैच फीस का 50 फीसदी जुर्माना और एक या दो डिमेरिट अंक दिए जाते हैं।
क्या होता है डिमेरिट पॉइंट का नियम?
आईसीसी के नियमों के अनुसार, यदि कोई खिलाड़ी 24 महीने के भीतर 4 या उससे अधिक डिमेरिट अंक तक पहुंच जाता है, तो इन अंकों को निलंबन अंकों में बदल दिया जाता है और खिलाड़ी पर बैन लगा दिया जाता है। दो निलंबन अंक होने पर खिलाड़ी को एक टेस्ट मैच, दो वनडे या दो टी20 मैचों से प्रतिबंधित किया जा सकता है। खिलाड़ी के रिकॉर्ड में दर्ज यह डिमेरिट पॉइंट 24 महीनों के लिए सक्रिय रहता है, जिसके बाद इसे हटा दिया जाता है।
