शैली गुप्ता सुकमा (ETV Bharat Chhattisgarh)
रायपुर: कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में पहचाना जाने वाला सुकमा आज खेल, शिक्षा और युवा प्रतिभाओं के दम पर अपनी नई पहचान गढ़ रहा है. जिले की होनहार खिलाड़ी शैली गुप्ता इस परिवर्तन की मिसाल बनी है, जिन्होंने नई दिल्ली के तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में 24 जून से 26 जून तक आयोजित अंतरराष्ट्रीय मात्सोगी-डो चैंपियनशिप में 49 किलोग्राम सीनियर महिला वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर भारत, छत्तीसगढ़ और सुकमा का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित किया है.
अंतरराष्ट्रीय मंच पर सुकमा का शानदार प्रदर्शन
नेपाल, भूटान और बांग्लादेश के खिलाड़ियों के बीच शानदार प्रदर्शन करते हुए शैली ने फाइनल मुकाबले में एकतरफा जीत दर्ज कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है. उप मुख्यमंत्री और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव और सुकमा जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने शैली की इस शानदार सफलता पर उन्हें बधाई दी है.

शैली गुप्ता से मिले सुकमा कलेक्टर (ETV Bharat Chhattisgarh)
राज्य शासन द्वारा सुकमा में खेल अधोसंरचना के विकास, खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं में भागीदारी के अवसर और सरकार की खेल प्रोत्साहन योजनाओं का प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है. दूरस्थ और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद जिले के युवा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं.
माता पिता के साथ सुकमा कलेक्टर से मिली शैली गुप्ता
शैली गुप्ता की उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि सही मार्गदर्शन, प्रशासनिक सहयोग और दृढ़ संकल्प से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता. अंतरराष्ट्रीय सफलता के बाद शैली गुप्ता ने अपने माता-पिता के साथ सुकमा कलेक्टर अमित कुमार से मुलाकात की. कलेक्टर ने उन्हें बधाई देते हुए उच्च शिक्षा में प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया.
शैली गुप्ता का स्वर्ण पदक केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि बदलते हुए सुकमा की नई तस्वीर का प्रतीक है. यह सफलता जिले के युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने की प्रेरणा देगी. शासन-प्रशासन द्वारा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने की प्रतिबद्धता ने युवाओं में नया आत्मविश्वास जगाया है. राज्य शासन शिक्षा, खेल और युवा विकास के क्षेत्र में निरंतर कार्य करते हुए सुकमा सहित प्रदेशभर की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं वैश्विक मंच तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है. सरकार के इन कार्यों से बस्तर में विकास और उपलब्धियों को नई पहचान मिल रही है.
मात्सोगी डो क्या है
मात्सोगी-डो (Matsogi-Do) एक आधुनिक भारतीय मार्शल आर्ट (युद्ध कला) और आत्मरक्षा का खेल है. यह ताइक्वांडो, जूडो और कराटे से मिलती-जुलती एक शाखा है जो शारीरिक फिटनेस के साथ-साथ मानसिक और नैतिक विकास पर जोर देती है.