ETV भारत की खबर का असर: MCB जिले के कुदरापा पहुंचे जिला शिक्षा अधिकारी (ETV BHARAT CHHATTISGARH)
मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर: दूरस्थ वनांचल स्थित ग्राम कुदरापा में प्राथमिक स्कूल नहीं होने से बच्चे परेशान हैं. बच्चों के 20 से 25 किलोमीटर दूर पढ़ने जाने की मजबूरी है इसे लेकर ETV भारत की खबर का असर हुआ है. खबर सामने आने के बाद शिक्षा विभाग सक्रिय हुआ और गुरुवार को जिला शिक्षा अधिकारी रविकांत यादव स्वयं अधिकारियों की टीम के साथ गांव पहुंचे.
स्कूल खोलने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश (ETV BHARAT CHHATTISGARH)
अधिकारियों ने किया मौके का निरीक्षण
गुरुवार 16 जुलाई को जिला शिक्षा अधिकारी रविकांत यादव सांख्यिकी अधिकारी अनिरुद्ध शुक्ला और विकासखंड शिक्षा अधिकारी भरतपुर सच्चिदानंद साहू के साथ सीधे बाइक से दुर्गम वनांचल स्थित कुदरापा गांव पहुंचे. अधिकारियों ने गांव का निरीक्षण किया और बच्चों, अभिभावकों और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर वास्तविक स्थिति की जानकारी ली.
ग्रामीणों ने अधिकारियों को बताया कि वर्षों से स्कूल की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. छोटे बच्चों को लंबी दूरी तय कर स्कूल जाना पड़ता है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है और कई बच्चे बीच में ही शिक्षा छोड़ने को मजबूर हैं.

20 से 25 किलोमीटर दूर पढ़ने जाने की मजबूरी, हरकत में आया शिक्षा विभाग (ETV BHARAT CHHATTISGARH)
नया प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश
ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बीईओ भरतपुर को ग्राम कुदरापा में नवीन प्राथमिक स्कूल और भविष्य की आवश्यकता को देखते हुए माध्यमिक स्तर तक स्कूल खोलने का नया प्रस्ताव तैयार कर जल्द शासन को भेजने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को शिक्षा से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
ग्रामीणों में जगी उम्मीद
शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को पहली बार गांव पहुंचा देखकर ग्रामीणों में उम्मीद जगी है. ग्रामीणों ने कहा कि वर्षों से केवल आवेदन और आश्वासन मिलते रहे, लेकिन पहली बार कोई अधिकारी गांव की वास्तविक स्थिति देखने पहुंचा है.

डीईओ बाइक से वनांचल गांव पहुंचे, ग्रामीणों से की चर्चा (ETV BHARAT CHHATTISGARH)
आंदोलन के बीच प्रशासन की पहल
गौरतलब है कि एकता परिषद एवं मजदूर संघ के नेतृत्व में ग्रामीण अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं. संगठन लगातार गांव में प्राथमिक स्कूल और उपस्वास्थ्य केंद्र खोलने की मांग कर रहा है. खबर सामने आने के बाद प्रशासनिक सक्रियता बढ़ी और शिक्षा विभाग ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू कर दी.
अब सबकी निगाहें शासन के फैसले पर
हालांकि जिला शिक्षा अधिकारी ने नया प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दे दिए हैं, लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रस्ताव शासन स्तर पर कब स्वीकृत होगा और कुदरापा के बच्चों को अपने ही गांव में पढ़ाई की सुविधा कब मिलेगी.