अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत फिर अटकी! इन दो मुद्दों पर बढ़ा गतिरोध – Iran US Deal Faces Fresh Roadblock Over Frozen Assets Dispute ntc dpmx


ईरान और अमेरिका के बीच संभावित समझौते की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है. ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विदेशी बैंकों में तेहरान के फ्रीज फंड को रिलीज करने को लेकर दोनों देशों के बीच गंभीर मतभेद उभर आए हैं, जिससे खाड़ी क्षेत्र में तनाव कम करने और होर्मुज को फिर से खोलने के प्रस्तावित समझौते पर संकट गहरा गया है.

ईरान की समाचार एजेंसी तस्नीम न्यूज के मुताबिक तेहरान ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका समझौते के शुरुआती चरण में ही ईरान की कुछ ब्लॉक की गई संपत्तियों को जारी करने पर सहमत नहीं होता, तब तक किसी अंतिम समझौते की संभावना नहीं है. रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि ईरान का मानना है कि अमेरिका ने बातचीत के दौरान कई बार अपना रुख बदला है और पहले बनी सहमतियों के बावजूद मुख्य शर्तों पर अड़चन पैदा की है.

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ईरान ने अपना यह संदेश पाकिस्तान और पश्चिम एशिया के उन देशों तक भी पहुंचा दिया गया है, जो बैकचैनल कूटनीति में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं. ईरान अब केवल अमेरिकी आश्वासनों पर भरोसा करने को तैयार नहीं दिख रहा. उसका कहना है कि पहले के अनुभवों को देखते हुए केवल कागजी गारंटी पर्याप्त नहीं होगी और प्रस्तावित समझौते के तहत विदेशी बैंकों में ईरान के फ्रीज फंड को तुरंत रिलीज किया जाना चाहिए.

इस बीच अमेरिकी मीडिया, खासकर CNN ने भी रिपोर्ट किया है कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच अब तक कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है और कई बड़े मुद्दों पर मतभेद कायम हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ओर दावा किया कि समझौते के बड़े मुद्दों पर सहमति बन चुकी है, लेकिन बाद में कहा कि बातचीत अभी पूरी नहीं हुई है. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ईरान के साथ समझौता तभी होगा जब वह अच्छा और सही होगा.

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प्रस्तावित समझौते में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलना और ईरान के उच्च संवर्धित यूरेनियम भंडार को खत्म करना शामिल बताया जा रहा है. हालांकि, यूरेनियम डिस्पोजल और भविष्य में परमाणु गतिविधियों पर प्रतिबंध की अवधि को लेकर अब भी सहमति नहीं बन सकी है. अगर वार्ता विफल होती है, तो इसका असर पहले से दबाव झेल रहे वैश्विक ऊर्जा बाजार और पश्चिम एशिया की स्थिरता पर पड़ सकता है.

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