देहरादून में पेपर लीक पर बरसे राहुल गांधी, बोले- कोचिंग सेंटर से लेकर मंत्रालय तक पूरा सिस्टम जिम्मेदार


राज्य ब्यूरो, देहरादून। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के लिए नीचे से लेकर ऊपर तक पूरा तंत्र जिम्मेदार है। कोचिंग सेंटर से लेकर परीक्षा केंद्र, पेपर सेटर, माफिया व वेंडर, एनटीए और मंत्रालय के लोग इसमें शामिल हैं।

राहुल ने शुक्रवार को देहरादून के रेसकोर्स स्थित सनातन धर्म इंटर कालेज बन्नू के मैदान में छात्रों की गूंज कार्यक्रम में यह आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने रोजगार के अवसर सीमित कर दिए हैं।

सरकारी नौकरियों तक पहुंच का रास्ता पेपर लीक तथा परीक्षा में धांधली के कारण बाधित हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की जिम्मेदारी निजी कंपनियों से हटाकर सरकारों को अपने हाथ में लेनी चाहिए।

राहुल ने अपने संबोधन की शुरुआत में कहा कि यह कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, केवल युवाओं के भविष्य को लेकर है।

उन्होंने कहा कि हर साल हिंदुस्तान में गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के मेधावी छात्र-छात्राएं कठिन परिश्रम के बल पर सरकारी नौकरी पाने का सपना देखते हैं, लेकिन पेपर लीक ने उनकी उम्मीदों को आघात पहुंचाया है।

चोर दरवाजे से केवल एक प्रतिशत युवाओं को लाभ मिलता है, जबकि 99 प्रतिशत ईमानदार और मेहनती युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। रोजगार की दृष्टि से हर तरफ दरवाजे बंद हैं। ऐसे में सरकारी नौकरी का ही रास्ता बचता है। इसमें भी दो रास्ते हैं।

पहला ईमानदारी व मेहनत का और दूसरा पेपर लीक का। शिक्षा व्यवस्था भी चार तरह के अन्याय से जूझ रही है।

छात्रों-युवाओं से संवाद के नाम पर राहुल ने चार युवाओं को मंच पर बुलाकर उनसे बात की। युवाओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं के अपने अनुभव साझा किए। राहुल ने दावा किया कि पिछले दस वर्षों में 152 पेपर लीक हुए, लेकिन किसी को सजा नहीं मिली।

राहुल ने हाल ही में आत्महत्या करने वाली नीट अभ्यर्थी रिया थापा के पिता राजेश थापा को भी मंच पर बुलाया।

राहुल ने कहा कि परीक्षाओं की निष्पक्षता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। पेपर लीक के मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि युवाओं का प्रतियोगी परीक्षाओं पर भरोसा फिर से कायम हो सके।



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