पोस्टर से राहुल की योग्यता पर सवाल!:india ब्लॉक की बैठक से पहले कांग्रेस क्या बोली, शिवसेना यूबीटी किसके साथ? – Questions Raised About Rahul Competence Via Poster What Congress Say Ahead Of India Bloc Meeting


दिल्ली में INDIA ब्लॉक की अहम बैठक से पहले राजनीति एक बार फिर पोस्टर वॉर के कारण गरमा गई है। सोमवार सुबह राजधानी दिल्ली के कई बड़े चौराहों पर राहुल गांधी को निशाने पर लेने वाले पोस्टर लगाए गए। इन पोस्टरों में विपक्षी दलों के नेताओं के पुराने बयान दिखाकर राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाने की कोशिश की गई। बैठक से ठीक पहले सामने आए इन पोस्टरों ने विपक्षी गठबंधन के भीतर एकता और नेतृत्व को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

क्या कांग्रेस ने पोस्टरों पर प्रतिक्रिया देने से बचने की कोशिश की?

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने इन पोस्टरों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने ऐसे पोस्टर देखे ही नहीं हैं। हालांकि राजनीतिक गलियारों में इन पोस्टरों को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। पोस्टरों में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के शरद पवार, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन और आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल के पुराने बयान दिखाए गए थे। इन बयानों के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि विपक्षी दलों के भीतर भी राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर सवाल उठते रहे हैं।

क्या शिवसेना यूबीटी राहुल गांधी के समर्थन में खुलकर उतर आई?

शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने राहुल गांधी का जोरदार बचाव किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पर सवाल उठाने वाले लोग मूर्ख हैं। राउत ने कहा कि राहुल गांधी देश के सबसे महत्वपूर्ण, लोकप्रिय और संघर्षशील नेताओं में से एक हैं और सरकार उनसे डरी हुई है। उन्होंने यह भी साफ किया कि शिवसेना यूबीटी INDIA ब्लॉक की बैठक में वर्चुअली शामिल होगी। राउत ने कहा कि बैठक का मुख्य एजेंडा उन लोगों को सत्ता से हटाना है जिन्होंने देश के साथ विश्वासघात किया है।

क्या विपक्ष 2029 की रणनीति पर चर्चा करने जा रहा है?


  • दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में होने वाली इस बैठक को जनबंधन नाम दिया गया है।

  • लोकसभा चुनाव के बाद INDIA ब्लॉक की यह पहली बड़ी औपचारिक बैठक मानी जा रही है।

  • माना जा रहा है कि बैठक में करीब 23 विपक्षी दल शामिल होंगे।

  • राज्यों के विधानसभा चुनाव और 2029 लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए रणनीति तय होगी।

  • गठबंधन के भीतर तालमेल बढ़ाने और अंदरूनी मतभेद कम करने पर चर्चा हो सकती है।

क्या बड़े विपक्षी नेता इस बैठक में शामिल होंगे?

बैठक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और खरगे, तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के तेजस्वी यादव और शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे समेत कई बड़े नेता शामिल हो सकते हैं। वाम दलों और छोटे क्षेत्रीय दलों के नेताओं के भी पहुंचने की संभावना है। विपक्ष इस बैठक के जरिए यह संदेश देना चाहता है कि वह भाजपा के खिलाफ एकजुट है और आने वाले चुनावों में मजबूत चुनौती देने की तैयारी कर रहा है।

 


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