Explainer:दाने-दाने को तरस रहे ईरानी; महंगाई ने तोड़े दूसरे विश्व युद्ध के रिकॉर्ड, समझें तंगहाली की कहानी – Iran’s Economy In Freefall: Inflation Hits Highest Level Since Wwii Amid War And Crisis


पश्चिम एशिया में फरवरी महीने से शुरू हुआ जंग अब ईरान की अर्थव्यवस्था पर भारी पड़ता दिख रहा है। अमेरिका और इस्राइल की ओर से किए गए हमलों के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को ब्लॉक कर जहां अमेरिका को खूब छकाया है, वहीं उसके इस कदम से वैश्विक कच्चे तेल की सप्लाई भी लगभग ठप पड़ गई और इसका असर बड़े पैमाने पर भारत समेत दुनियाभर के देशों को झेलना पड़ा। हालांकि, जंग का नुकसान ईरान को भी कम नहीं झेलना पड़ा। पहले अपने राष्ट्रप्रमुख और फिर बड़ी संख्या में अपने शीर्षस्थ नेताओं को गंवाने के बाद अब ईरान की रही-बची इकोनॉमी भी खस्ताहाल हो गई है। 


ईरान के बाजार इन दिनों खरीदारों की भीड़ से नहीं, बल्कि मायूस चेहरों से भरे हैं। आम आदमी के लिए ‘रेड मीट (लाल मांस) जुटाना अब एक सपना बन गया है और चिकन का इस्तेमाल अब सिर्फ मेहमानों के लिए होने लगा है। जंग से आहत ईरान में यह दर्द किसी एक परिवार का नहीं, बल्कि ईरान के लाखों घरों की कहानी है। सेंट्रल बैंक ऑफ ईरान के ताजा आंकड़ों ने तो पूरी दुनिया को चौंका दिया है। देश में महंगाई 80 साल के शिखर पर पहुंच गई है। 

आखिर तेल के कुओं पर बैठा देश ईरान एक भयावह आर्थिक दलदल में कैसे फंस गया? क्या यह सिर्फ युद्ध का नतीजा है या दशकों की खराब नीतियां इसका कारण हैं? आइए, आसान बोलचाल की भाषा में आठ सवालों के जरिए इस पूरे संकट को समझते हैं।


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