भिलाई में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक महिला से 1.50 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। आरोपी ने खुद को रायपुर के कृषि विभाग में क्लर्क बताकर महिला का भरोसा जीता। इसके बाद नौकरी लगवाने के नाम पर अलग-अलग किस्तों में पैसे लिए। इतन
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मामला सुपेला थाना क्षेत्र की स्मृतिनगर चौकी का है। पुलिस ने शिकायत की जांच के बाद आरोपी अर्जुन कसेर के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फेसबुक से हुई थी दोस्ती कोहका स्थित शिवाजी नगर की रहने वाली 40 वर्षीय महिला ने शिकायत में बताया कि उसकी पहचान फेसबुक के जरिए अर्जुन कसेर से हुई थी। आरोपी ने खुद को रायपुर मंत्रालय के कृषि विभाग में क्लर्क के पद पर कार्यरत बताया और कहा कि उसकी अच्छी पहचान है। उसने भरोसा दिलाया कि वह कृषि विभाग में सरकारी नौकरी लगवा देगा। आरोपी ने नौकरी के बदले 1 लाख 50 हजार रुपए मांगे।
सोने के जेवर गिरवी रख दिए पैसे सरकारी नौकरी मिलने की उम्मीद में महिला ने अपने सोने के गहने गिरवी रखकर रकम का इंतजाम किया। इसके बाद आरोपी के बताए गए यूपीआई आईडी पर अलग-अलग किस्तों में कुल 1.50 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। आरोपी ने नौकरी की प्रक्रिया पूरी करने का बहाना बनाकर महिला से पासपोर्ट साइज फोटो, हस्ताक्षर किए हुए कोरे कागज, ग्रेजुएशन का ओरिजिनल प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज भी मंगवा लिए। महिला का कहना है कि उसके सभी मूल दस्तावेज अब भी आरोपी के पास हैं। कई बार मांगने के बावजूद उसने दस्तावेज वापस नहीं किए।
महिला ने दवाब बनाया तो बंद कर दिया कॉल महिला ने बताया कि पैसे लेने के बाद आरोपी लगातार बहाने बनाता रहा। न नौकरी लगवाई और न ही रुपए लौटाए। बाद में उसने अपना मोबाइल नंबर भी बंद कर दिया। इसके बाद महिला को अपने साथ धोखाधड़ी होने का एहसास हुआ और उसने पुलिस से शिकायत की। शिकायत में महिला ने यह भी बताया कि गहने गिरवी रखकर पैसे जुटाने के कारण उसे लगातार ब्याज देना पड़ रहा है। आर्थिक स्थिति खराब होने से वह अपने गहने भी नहीं छुड़ा पा रही है।
जांच में जुटी पुलिस पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि 6 मई 2026 को व्हाट्सएप के जरिए आरोपी ने महिला से संपर्क कर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ऑनलाइन माध्यम से कुल 1.50 लाख रुपए हासिल किए। जांच में प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी के साक्ष्य मिलने पर आरोपी अर्जुन कसेर के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। पुलिस अब आरोपी के मोबाइल नंबर, यूपीआई आईडी, बैंक खातों, व्हाट्सएप चैट, कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच करेगी। साथ ही महिला से ठगी गई रकम और उसके मूल दस्तावेज बरामद करने के प्रयास किए जाएंगे।