पटना2 दिन पहले
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बिहार सरकार ने दावा किया है कि राज्य में प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और डिजिटल बनाया जा रहा है। सरकार की विभिन्न योजनाओं और डिजिटल व्यवस्थाओं के कारण लोगों को समय पर सरकारी सेवाएं मिल रही हैं। इसके साथ ही शिकायतों का तेजी से निपटारा हो रहा है। गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी साझा की।
सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव मो. सोहेल ने बताया, ‘19 मई से शुरू हुए सहयोग शिविर में अब तक 5,83,886 आवेदन मिले हैं। इनमें से 5,33,904 आवेदनों का निपटारा किया जा चुका है। बाकी मामलों पर भी कार्रवाई जारी है।’

RTPS के तहत 53.80 करोड़ से ज्यादा आवेदन निपटे
सरकार के मुताबिक, बिहार लोक सेवा अधिकार (RTPS) अधिनियम के तहत अब तक 53.80 करोड़ से अधिक आवेदनों का निपटारा किया गया है।
जाति, आय, आवासीय प्रमाण पत्र, राशन कार्ड और मजदूर पंजीकरण जैसी सेवाओं में अब ऑटो अपील सिस्टम लागू किया गया है। यदि तय समय पर काम नहीं होता है तो आवेदन अपने आप अपील में चला जाता है।
पंचायत स्तर तक पहुंचीं ऑनलाइन सेवाएं
सरकार के मुताबिक, बताया कि राज्य के सभी पंचायत सरकार भवनों में अब 64 से अधिक ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध हैं। इससे ग्रामीण इलाकों के लोगों को अपने ही पंचायत स्तर पर कई सरकारी सुविधाएं मिल रही हैं।
19.38 लाख से ज्यादा शिकायतों का समाधान
लोक शिकायत निवारण अधिनियम के तहत अब तक 19.38 लाख से अधिक शिकायतों का समाधान किया गया है। वहीं सरकारी और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की शिकायतों के लिए बनाई गई व्यवस्था में 16,106 शिकायतों का निपटारा किया गया है।

1.72 लाख से ज्यादा पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी
सरकार के मुताबिक, कि 2025-26 और 2026-27 के लिए 1,72,218 रिक्त पदों की अधियाचना विभिन्न आयोगों और चयन संस्थाओं को भेजी गई है। इन पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है।
8 लाख कर्मचारियों का डेटा हुआ डिजिटल
सरकार के मुताबिक, राज्य के 8 लाख कर्मचारियों का रिकॉर्ड HRMS पर उपलब्ध है। इसमें वेतन, सेवा विवरण और संपत्ति से जुड़ी जानकारी भी डिजिटल रूप से रखी जा रही है।
जिज्ञासा केंद्र से लाखों लोगों को मिली जानकारी
टोल-फ्री जिज्ञासा केंद्र के माध्यम से अब तक 12,93,887 मामलों में लोगों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई गई है।
सरकार का कहना है कि इन सभी पहलों का उद्देश्य प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और पूरी तरह डिजिटल बनाना है, ताकि आम लोगों को सरकारी सेवाओं का लाभ समय पर मिल सके।
