सीबीएसई मुख्यालय की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा गया कि बोर्ड ने एजेंसी को ठेका देने की प्रक्रिया में सामान्य वित्तीय नियमों (General Financial Rules) का पूरी तरह पालन किया है। बोर्ड के अनुसार, 2026 की बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं के डिजिटल मूल्यांकन के लिए 28 अगस्त 2025 को केंद्रीय सार्वजनिक खरीद पोर्टल पर निविदा (RFP) जारी की गई थी और पात्र बोलीदाता को अनुबंध दिया गया।

मना करना कोई जवाब नहीं: राहुल गांधी
सीबीएसई द्वारा आरोप का खारिज किए जाने पर राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, ‘मना करना कोई जवाब नहीं है। शिक्षा मंत्री और सीबीएसई मेरे पूछे गए चार सीधे-सादे सवालों का जवाब क्यों नहीं दे पा रहे हैं? 18.5 लाख छात्रों का भविष्य खतरे में डाल दिया गया है। वे सच जानने के हकदार हैं।’