<p>CBSE 12वीं के रिजल्ट को लेकर इस बार कई छात्रों और अभिभावकों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम की वजह से छात्रों को उम्मीद से कम नंबर मिले हैं। बढ़ती शिकायतों के बीच CBSE ने रीचेकिंग और रिवैल्युएशन के लिए आवेदन भी मांगे हैं। क्या वाकई कॉपी जांच सिस्टम में कोई खामी है? क्या तकनीकी प्रक्रिया का असर छात्रों के भविष्य पर पड़ा? ABP News संवाददाता अजातिका सिंह ने छात्रा बनकर कॉपी स्कैनिंग प्रक्रिया से जुड़े एक टेक्निशियन से बातचीत की और समझने की कोशिश की कि आखिर पूरा सिस्टम कैसे काम करता है। देखिए यह खास रिपोर्ट।</p>