स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। क्रिकेट में रिकॉर्ड बनते-टूटते रहते हैं, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि एक भारतीय खिलाड़ी का ऐसा कीर्तिमान स्थापित है, जिसका टूट पाना मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन है। 20 साल पहले भारतीय टीम के गेंदबाज ने अपनी कला का जादू बिखेरते हुए यह रिकॉर्ड बनाया और अपना नाम इतिहास के पन्नों पर सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा लिया।
हम जिस कभी न टूट पाने वाले रिकॉर्ड के बारे में आपको बताने जा रहे हैं, उसे पिरोने वाला कोई और नहीं बल्कि पूर्व भारतीय गेंदबाज इरफान पठान हैं। तो चलिए आपको बताते हैं कि इरफान पठान ने ऐसा क्या कारनामा किया कि उन्हें स्विंग का सुल्तान कहा जाने लगा, साथ ही प्रतीत होता है कि यह रिकॉर्ड संभवत: नहीं टूट पाएगा।
क्या बना रिकॉर्ड
भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान ने पाकिस्तान के खिलाफ तीसरे टेस्ट में पहले ही ओवर में हैट्रिक ली थी। उन्होंने सलमान बट, यूनिस खान और मोहम्मद यूसुफ को पवेलियन भेजा था। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में अब तक कोई भी गेंदबाज पहले ओवर में हैट्रिक नहीं ले पाया है
2006 का है मामला
भारत और पाकिस्तान के बीच पाक जमीं पर साल 2006 की शुरुआत में 3 मैचों की टेस्ट सीरीज खेली गई। सीरीज के पहले दो मैच ड्रॉ रहे। तीसरे मैच के पहले दिन इतिहास रचा गया। कराची के मैदान पर 29 जनवरी 2006 को टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तान को पहले ही ओवर में भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान ने एक के बाद एक तीन झटके दिए।
20 साल बाद भी अमर है
टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में कभी ऐसा नहीं हुआ कि किसी एक गेंदबाज ने पारी के पहले ओवर में हैट्रिक ली। 20 साल बाद भी यह रिकॉर्ड अटूट है। इरफान के पहले ओवर की पहली 3 गेंदों का सामना बाएं हाथ के बल्लेबाज सलमान बट ने किया। चौथी गेंद पर बट ने स्लिप पर तैनात राहुल द्रविड़ को कैच थमा दिया।
दूसरे भारतीय बने थे
5वीं गेंद पर कप्तान यूनिस खान एक अंदर आती गेंद पर LBW आउट हुए। ओवर की आखिरी गेंद पर पठान ने एक और अंदर आती गेंद पर मोहम्मद यूसुफ को क्लीन बोल्ड कर दिया। भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में यह दूसरी हैट्रिक थी। इससे पहले 2001 में हरभजन सिंह ने टेस्ट में लगातार 3 विकेट लिए थे। उन्होंने रिकी पोंटिंग, एडम गिलक्रिस्ट और शेन वार्न को अपने जाल में फंसाया था।
भारतीय टीम फिर भी हार गई
पठान की हैट्रिक के बाद भी भारतीय टीम को सीरीज के इस तीसरे टेस्ट में 341 रन से हार का सामना करना पड़ा था। पाकिस्तान टीम पहली पारी में 245 रन बना सकी थी। इसके बाद दूसरी पारी में इस टीम ने 599/7 के स्कोर पर घोषित की थी। वहीं राहुल द्रविड़ की कप्तानी वाली टीम ने पहली पारी में 238 और दूसरी पारी में 265 रन बनाए थे।